भारत

लॉकडाउन चला गया पर ध्यान रहे वायरस अभी भी जिन्दा है -पीएम मोदी……

दिल्ली 20 अक्टूबर theguptchar.com| देश के प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने अभी हाल में देश को एक बार फिर संबोधित किया है उन्होंने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा की अभी पुरे राष्ट्र में कोरोना वायरस का दौर चल रहा है इसलिए घर पर ही रहे अगर कोई आवश्यक काम हो तभी घर से बाहर निकले याद रहे लॉकडाउन भले ही चला गया हो लेकिन कोरोना वायरस रूपी दानव अभी भी जिन्दा है जो राह ताके बैठा है की कब आप लापरवाही बरते और वह मौक़ा देख कर चौका मारकर आपको अपने लपेटे में ले,इसलिए जब तक कोई दवाई नही तब तक मास्क में कोई ढिलाई नही.


प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरन बताया कि देश में कोरोना की रिकवरी दर अमेरिका और ब्राजील जैसे देशों के मुकाबले काफी बेहतर है भारत में प्रति दस लाख पर पांच हजार लोगों को कोरोना हुआ है जबकि अमेरिका और ब्राजील जैसे देशों में यह आंकड़ा 25 हजार के पास है। भारत में प्रति दस लाख पर मौत 83 है जबकि अमेरिका सहित अन्य देशों में यह 600 के पार है।

उन्होंने आगे कहा की देश में भले ही कोरोना मरीज़ों की संख्या प्रतिदिन हजारों में आ रहे हो लेकिन रिकवरी दौर डेली आ रहे मरीजों की संख्या से कहीं बेहतर है दुसरे देशो में रिकवरी दर और प्रतिदिन आ रहे मरीजों की संख्या में जमीन आसमान की असमानता है पर हमारे सरकार के अथक प्रयास और आप सब के सहयोग से हम आज कोरोना वायरस का डटकर सामना कर रहे है,समय के साथ आर्थिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ रही हैं.


हम में से अधिकांश लोग, अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए, फिर से जीवन को गति देने के लिए, रोज घरों से बाहर निकल रहे हैं। त्योहारों के इस मौसम में बाजारों में भी रौनक धीरे-धीरे लौट रही है। लेकिन हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, वायरस नहीं गया है। बीते 7-8 महीनों में, प्रत्येक भारतीय के प्रयास से, भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है

देश के मुखिया ने आगे कहा की कोरोना की वैक्सीन जब भी आएगी, वो जल्द से जल्द प्रत्येक भारतीय तक कैसे पहुंचे इसके लिए भी सरकार की तैयारी जारी है। एक-एक नागरिक तक वैक्सीन पहुंचे, इसके लिए तेजी से काम हो रहा है। एक कठिन समय से निकलकर हम आगे बढ़ रहे हैं, थोड़ी सी लापरवाही हमारी गति को रोक सकती है, हमारी खुशियों को धूमिल कर सकती है। जीवन की ज़िम्मेदारियों को निभाना और सतर्कता ये दोनो साथ साथ चलेंगे तभी जीवन में ख़ुशियां बनी रहेंगी। याद रखिए, जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं। दो गज की दूरी, समय-समय पर साबुन से हाथ धुलना और मास्क का ध्यान रखिए।

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