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अगर आता है तेज गुस्सा तो समझ लो खराब है यह ग्रह

रायपुर। कुंडली में वैसे तो सभी नौ ग्रह अपनी-अपनी प्रकृति के अनुसार किसी ना किसी रोग की सूचना देते हैं, परंतु दो या दो से अधिक ग्रहों कि युति व्‍यक्‍ति के जीवन में अपना अलग प्रभाव प्रकट करती है। यह युति रोगों को और जटिल बना देती है। यहां कुंडली में ग्रहों के कुछ ऐसे ही योग हैं जिनसे योग से रोग के लक्षण स्‍पष्‍ट होते हैं।

किसी कुंडली में यदि बुध-मंगल एक साथ हों तो ऐसे व्यक्ति को खून से जुड़ा रोग होता है। साथ ही जब मंगल के कारण बुध ज्यादा खराब हो तो यह ब्‍लड प्रेशर की परेशानी देता है। मंगल-बुध दोनों के बहुत अधिक खराब होने की स्‍थिति में तो पागलपन की बीमारी हो जाती है। ग्रहों का यह योग लीवर से जुड़े रोग भी देता है।

कुंडली में जब सूर्य घर एक में हो, सूर्य-मंगल एक साथ हों अथवा सूर्य-शनि एक साथ या फिर सूर्य-शनि और मंगल एक साथ हों तो ऐसे व्यक्ति को क्रोध बहुत अधिक आता है। मंगल-शनि का योग भी गैस की परेशानी देता है। शनि के एक घर में हों तो भी गैस की दिक्‍कत होती है।

सूर्य-शुक्र एक साथ हों तो शरीर में जोश की कमी हो जाती है। यह व्‍यक्‍ति में यौन क्षमता कम कर देती है। जीवनसाथी के शरीर में भी अंदरूनी बीमारी हो जाती है।

(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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