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क्या आपके बच्चे को भी लग गयी है मोबाइल में गेम खेलने की लत?

जैसा कि हम सभी जानते हैं की वर्तमान युग डिजिटल युग बन गया है। और आजकल हमारे बच्चे आउटडोर गेम की जगह इनडोर गेम खेलना ज्यादा पसंद करते हैं। जिसके चलते हैं बच्चे मोबाइल पर घंटो घंटो तक गेम खेलते रहते हैं। हालाँकि यह आदत बच्चों के लिए ठीक नहीं है। और फोन की स्क्रीन पर लगातार आंखें रखने की वजह से उनकी आंखों और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
अब तो कोरोना की वजह से बच्चे पढ़ाई भी मोबाइल अथवा लैपटॉप से ही करने लगे हैं।<br>आपको बता दें वैज्ञानिकों द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में बताया गया है कि फोन से रेडियो तरंगे निकलती हैं जो हमारे कान के आसपास ओर इसके साथ-साथ हमारे दिमाग पर भी बुरा प्रभाव डालती हैं जिससे बच्चे की मेंटली पावर इफेक्ट होती है। इसका लंबे टाइम तक प्रयोग करने से उनके बिहेवियर पर भी असर पड़ता दिखाई देता है। यदि आपका बच्चा 15 साल से कम का है तो उसे फोन यूज़ ना करने दें, इसका कारण है बच्चों का संवेदनशील दिमाग। मोबाइल से निकलने वाली किरणें बच्चो के संवेदनशील दिमाग के लिए हानिकारक हो सकती है।जैसा कि हम सभी जानते हैं इस डिजिटल युग में फोन यूज करना कितना जरूरी हो गया है।

आपके बच्चों को इसकी लत ना पड़े उसके लिए जान ले कुछ महत्वपूर्ण बातें।
बच्चों के अंदर समझ का स्तर कम होता है, जिसकी वजह से वह आपको या आपके घर में जो बड़े हैं उनको जो करते हुए देखेंगे वह भी वही करना चाहेंगे। एक रिसर्च के मुताबिक घर के बड़े भी अपना ज्यादा टाइम मोबाइल पर व्यतीत करते हैं तो यदि आप अपने बच्चों के सामने फोन का कम प्रयोग करेंगे तो आप उन्हें भी मना कर सकते हैं। बच्चों को समझाने से पहले खुद भी इसके प्रयोग में कमी करें। बच्चे जो ज्यादातर कार्टून मूवी या हिंसक गेम खेलते हैं, उनसे उनको दूर रखें और उन्हें घर में खेले जाने वाले टूल्स उपलब्ध कराएं और अपने व्यस्त शेड्यूल में से कुछ टाइम निकाल कर बच्चों को आउटडोर गेम के लिए मोटिवेट करना चाहिए। यदि आप प्रतिदिन उन्हें बाहर ले जाने के लिए समय नहीं निकाल सकते तो घर में ही कुछ एक्टिविटी बच्चों के लिए इन्वॉल्व करनी चाहिए ,जिससे कि वह अकेलापन फील ना करें और मोबाइल पर गेम खेलने की वजह उनको अन्य चीजों में इंटरेस्ट पैदा हो।

Web Title: Mobile Game Side Effects On Child

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