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विस बजट सत्र : नेताप्रतिपक्ष के सवालों में उलझे खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, बचाव में उतरे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

रायपुर। विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन भी हंगामेदार रहा। सवाल-जवाब के बीच तीखी नोंकझोंक हुई और प्रश्नकाल में धान के कस्टम मिलिंग पर भाजपा ने कांग्रेस सरकार को घेरा। भाजपा के सदस्य अजय चंद्राकर ने वर्ष 2019-20 के 3.44 लाख टन चावल का कस्टम मिलिंग न होने का कारण पूछा। जिस पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने स्टेट पुल के अंतर्गत नान में मानक के अनुरूप जमा किये जाने की बात कही। खाद्य मंत्री ने विपक्ष को जवाब में कहा कि 31 जनवरी अंतिम तिथि होती है, लेकिन कोरोना संकटकाल होने के कारण समय पर चावल जमा नही हो पाया। इस दौरान मंत्री के जवाब से विपक्ष की नाराजगी बरकरार रही और लगतार सदन में मंत्री से वास्तविक जानकारी पूछे जाने पर भी मंत्री अमरजीत भगत ने गोल मोल जवाब दिया। इधर सदन में मौजूद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने दोनों मंत्रियों का बचाव करते हुए सदन के सामने अपना पक्ष रखा।

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विस बजट सत्र : नेताप्रतिपक्ष के सवालों में उलझे खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, बचाव में उतरे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
विस बजट सत्र : नेताप्रतिपक्ष के सवालों में उलझे खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, बचाव में उतरे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

नेताप्रतिपक्ष के सवालों में उलझे खाद्य मंत्री
विधानसभा के बजट सत्र में हंगामा उस वक़्त बढ़ गया जब नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने मोर्चा संभालते हुए सरकार से डर कस्टम मिलिंग समय पर नही करने की पुख्ता जनकारी मांगी जिस पर खाद्य मंत्री घिरते नजर आए। वही हंगामा बढ़ते देख मंत्री भगत ने 28 लाख टन चावल जमा करने के बजाय 26 लाख टन जमा करने की बात कही। इसके तुरंत बाद नेताप्रतिपक्ष ने कम जमा करने पर सवाल दगा, इस प्रश्न के बाद खाद्य मंत्री निशब्द नजर आए। इधर मंत्री भगत को घिरते देख उनके बचाव के लिए खड़े होने वाले कानून मंत्री मोहम्मद अकबर को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया।

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दोनों मंत्रियों के बचाव में उतरे मुख्यमंत्री

इधर सदन में मौजूद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने दोनों मंत्रियों का बचाव करते हुए सदन के सामने पक्ष रखा। इस दौरान मुख्यमन्त्री ने साफ तौर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में पूर्ण चावल खाने की परंपरा है। इसलिए पुराने चावल का कोई विषय नही है।  मुख्यमंत्री ने विपक्ष के द्वारा उठाये गए मुद्दे की सराहना करते हुए कहा कि इसमें राजनीति न करते हुए मामले को समझना होगा। यदि कोई कमी हुई तो उसे जानकर इसका निराकरण किया जयेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि कस्टम मिलिंग पर देरी पर सदन में अलग से आधे घण्टे की चर्चा की जाए।

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प्रश्न काल के बाद होगी चर्चा

मुख्यमंत्री के जवाब के बाद विपक्ष ने आसन्दी से कस्टम मिलिंग पर चर्चा की अनुमति मांगी जिस पर आसन्दी ने अनुमति दे दी। इस अनुमति से यह बात साफ हो गई है कि प्रश्नकाल के बाद फिर सदन में कस्टम मिलिंग और धान खरीदी पर चर्चा होगी।

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