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‘जनता कर्फ्यू’ के एक साल पुरे, लेकिन… अब भी जारी हैं देश में कोरोना का कहर, आखिर क्यों?

नई दिल्ली| कोरोना वायरस के खिलाफ जंग की आधिकारिक शुरुआत आज ही के दिन जनता कर्फ्यू से हुई थी। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच 22 मार्च 2020 को पीएम मोदी ने जनता कर्फ्यू का ऐलान किया था और लोगों को अपने घरों में ‘कैद’ हो जाने को कहा था।

लॉकडाउन का ट्रायल कहे जाने वाले इसी जनता कर्फ्यू ने देश को एक झलक दे दी थी कि भारतवासियों को कोरोना से बचाने के लिए कुछ दिन तक घरों में सुरक्षित रखा जा सकता है। इसके बाद पूरा देश महीनों तक लॉकडाउन में रहा और वैक्सीन का इंतजार करता रहा।

आज भारत के पास दो-दो वैक्सीन हैं और टीकाकरण की रफ्तार भी काफी तेज है, मगर चिंता की बात है कि फिर भी कोरोना का मर्ज बढ़ता ही जा रहा है। ऐसी उम्मीद थी कि वैक्सीन आने के बाद भारत से कोरोना छूमंतर हो जाएगा, मगर ऐसा होता दिख नहीं रहा है।


दरअसल, कोरोना के मामले साल 2021 भी 2020 की तरह ही आगे बढ़ता दिख रहा है। महाराष्ट्र से लेकर पंजाब और कर्नाटक में कोरोना वायरस की दूसरी लहर देखने को मिल रही है। सभी परेशान हैं कि आखिर कोरोना वायरस की वैक्सीन आने के बाद भी इसके मामलों में लगातार वृद्धि क्यों हो रही है?

क्यों फिर से कोरोना पुराने रंग में दिख रहा है और दिन-प्रतिदिन ताकतवर हो रहा है? लेकिन यहां इस सवाल का जवाब भी हर किसी को मालूम है। कोरोना वायरस के मामलों में अचानक वृद्धि का प्रमुख कारण है लोगों की लापरवाही।

वैक्सीन आने के बाद लोग कोरोना के खिलाफ जंग में ढीले पड़ गए हैं, लोगों को यह गलतफहमी हो गई कि वैक्सीन आ गई है तो अब कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।सरकार ने भी माना है कि लोगों की लापरवाही ने कोरोना को ताकतवर होने का मौका दिया है। इसके अलावा, कोरोना वायरस के दोबारा सिर उठाने के पीछे कई कारण हैं।

एक तो लोग अब कोरोना गाइडलाइन्स को फॉलो नहीं कर पा रहे हैं। वैक्सीन आने से पहले जिस तरह से लोग मास्क का इस्तेमाल किया करते थे, हैंड सैनिटाइज किया करते और सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन रखा करते थे, अब वैसी गंभीरता नहीं दिख रही है। वैक्सीन आने के बाद लोगों ने कोरोना को फॉर ग्रांटेड ले लिया है। जिसकी वजह से लोग फिर से पहले की तरह संक्रमित होने लगे हैं।

इसके अलावा, लंबे समय तक जारी कोरोना पाबंदियों के बाद जब देश अनलॉक हुआ तो शादी-समारोह और अन्य फंक्शनों की बाढ़ आ गई। शादी-समारोहों में लोग महामारी के पहले की तरह आने-जाने लगे। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जो सावधानियां बरतनी चाहिए, उसे अनदेखा किया जा रहा है।

लोग पहले की तरह खुलकर और कोरोना प्रोटोकॉल को अनदेखा करते हुए फंक्शन्स में शामिल हो रहे हैं, जिसकी वजह से कोरोना ताकतवर हो रहा है। क्योंकि हमारी यही गलतियां कोरोना की असली खुराक हैं। मगर यहां लोगों को यह समझना जरूरी है कि ऐसे कई मामले आए हैं, जिसमें वैक्सीन लगने के बाद भी लोग संक्रमित हो जा रहे हैं।

जिस तरह से महाराष्ट्र और कर्नाटक में कोरोना की दूसरी लहर देखने को मिल रही है, वह डराने वाला है। क्योंकि देश में कोरोना टीकाकरण की रफ्तार भी तेज है, लोगों को वैक्सीन लग भी रही है, फिर भी मामलों में तेजी जाारी है।

इसका मतलब है कि हमें यह मानकर चलना होगा कि हमारे चारों ओर कोरोना है और इससे बचकर ही हमें जिंदगी जीनी है। जब तक देश में टीकाकरण का अभियान खत्म नहीं हो जाता, तब तक हमें कोरोना के खिलाफ जंग को मजबूती के साथ ही लड़ना है।

 

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