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अजब गजब: एक लड़की से शादी करने बारात लेकर पहुंचे सात दूल्हे, ना दुल्हन मिली ना ससुराल! जानिए फिर क्या हुआ…

भोपाल| मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. भोपाल के कोलार थाने में एक-दो नहीं पूरे सात दूल्हे अपनी शिकायत लेकर पहुंचे और बताया कि हमारी शादी होनेवाली थी, लेकिन जब हम बरात लेकर पहुंचे, तो न तो वहां दुल्हन मिली, न उसके घरवाले और न ही शादी कराने वाले.

उस घर में ताला बंद था. इन दूल्हों की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है. जांच में पता चला कि एक संस्था ने इन सभी से शादी कराने के लिए 20-20 हजार रुपये लिए थे.

जांच में पता चला कि गरीब लड़कियों को अच्छा रिश्ता दिलाने के बहाने लड़कों को दिखाया जाता था और फिर इन्हीं लड़कियों को दिखाकर वर पक्ष से 20-20 हजार रुपये रजिस्ट्रेशन के नाम पर वसूले जाते थे.

बाद में लड़कियों से कह दिया जाता था कि लड़के ने शादी से मना कर दिया है और जब इधर शादी की तय तारीख पर लड़का बरात लेकर बताए ठिकाने पर पहुंचता तो यहां ताला लगा मिलता था.

जानकारी के मुताबिक, मेहगांव, भिंड निवासी 35 वर्षीय केशव बघेल गुरुवार को बारात लेकर आए, तो शादी वाले घर पर ताला लगा मिला. यहां न तो दुल्हन थी और न परिवार वाले. टीआई चंद्रभान पटेल के मुताबिक, शादी तय कराने वाली शगुन जन कल्याण सेवा समिति के दफ्तर पर भी ताला था

ऐसे तय होता था नकली रिश्ता, होता था खेल
केशव बघेल के बहनोई जगदीश तीन महीने पहले भिंड गए थे. बस स्टैंड पर उन्हें शगुन जन कल्याण सेवा समिति का पर्चा मिला. इसमें चार लोगों के नाम और नंबर दिए गए थे और पर्चे में दावा किया गया था कि समिति गरीब बच्चियों की शादी कराती है.
पर्चे पर दिए नंबर पर बात करने पर एक महिला ने कॉल उठाया और अपना नाम रोशनी तिवारी बताया. रिश्ते की बात हुई तो  उन्हें 25 वर्षीय लड़की दिखाई गई और  रिश्ता तय हो गया. रोशनी ने लड़की को अपनी बेटी बताया था और शादी कराने के नाम पर समिति ने 20 हजार रुपये लिए थे. 

केशव जब कोलार में बताए पते पर पहुंचा, तो वहां ताला लगा मिला. उन्होंने रोशनी और उसके साथियों को कॉल किया, लेकिन सभी के फोन बंद थे. समिति के ऑफिस में भी ताला लगा था. जब वे थाने पहुंचे तो पहले से छह दूल्हे उसकी शिकायत करते मिले.

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