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फर्जी रसीद- दस्तावेजों से LIC के नाम पर 100 से ज्यादा लोगों से ठगे 45 लाख रुपये

फर्जी रसीद- दस्तावेजों से LIC के नाम पर 100 से ज्यादा लोगों से 10 साल में ठगे 45 लाख रुपये

 

रायपुर, 28 नवंबर  2025/  राजधानी रायपुर में 100 से ज्यादा लोगों को ठगने वाले 2 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 45.53 लाख रुपए की ठगी के मुख्य आरोपी बलवीर सिंह सैन्स को पुलिस ने गोवा से गिरफ्तार कर लिया है। उसका एक साथी देवेंद्र सेन जो आरंग में च्वाइस सेंटर चलाता था, उसे भी गिरफ्तार किया गया है। यह ठगी 10 साल से अधिक समय तक भरोसे के नाम पर होती रही, जिसे लोग बीमा निवेश समझते रहे। आरोपियों ने फर्जी रसीद के सहारे कई लोगों से बीमा का पैसा लिया।

इसके बाद उसे अपने निजी कामों में उपयोग करता रहा। 1 साल फरार रहने के बाद अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। न्यू शांति नगर निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर जतिन चौधरी ने एलआईसी एजेंट सरनजीत कौर और उसके बेटे बलवीर सिंह सैन्स के खिलाफ सिविल लाइन थाने में विस्तृत शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2013 से बीमा पॉलिसियों के नाम पर 13 पॉलिसियां ली गईं, जिनकी किस्तें नकद और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से उसे देता था।

जतिन ने 2022 में कुल 1,98,150 रुपए उसे दिए। लेकिन 2024 में जब इन रसीदों की जांच एलआईसी कार्यालय पंडरी में कराई, तो पता चला कि पॉलिसियों में एक भी वर्ष की राशि जमा नहीं हुई है। एलआईसी अधिकारियों ने सभी रसीदों को कूटरचित बताते हुए तुरंत एफआईआस दर्ज कराने का निर्देश दिया। जांच में पता चला कि एजेंट मां–बेटे ने सिर्फ जतिन ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों से भी मोटी रकम ली थी।

आरोपियों ने नितीश वर्मा से 4.96 लाख, जगमोहन नागपाल से 5.93 लाख, भूषण झोडे से 28.88 लाख, कुल 45.53 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा किया। इस मामले में पुलिस ने पिछले साल एफआईआर दर्ज की। एफआईआर दर्ज होने के बाद बलवीर एक साल से फरार था। पुलिस ने नेटवर्क सर्विलांस के जरिए उसे गोवा से गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया है कि इस घोटाले में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की तैयारी में है।

 

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