छत्तीसगढ़ में “नरबलि” की आशंका, जिस कमरे में आठ दिन होती रही पूजा नौवें दिन वही मिली लाश
अंबिकापुर. प्रदेश में अपराध का दौर लगातार जारी है और अलग-अलग संभागों से अपराध की खबरें भी सामने आ रही हैं अंबिकापुर से लगे ग्राम सरगंवा में शुक्रवार-शनिवार की रात पति ने तब्बल से पत्नी की हत्या (Wife murdere) कर दी। आरोपी ने मृतिका के शरीर पर आधे दर्जन से अधिक वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। घटनास्थल को देखने के बाद आशंका जाहिर की जा रही है कि आरोपी ने ‘नरबलि’ (Human sacrifice) दी है। आरोपी अपना बयान बार-बार बदल रहा है। उसका कहना है कि पत्नी के चरित्र (Character) पर उसे शंका थी। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी अनुसार सरगंवा के चारपारा में उस वक्त हडक़ंप मच गया, जब लोगों ने पति द्वारा पत्नी की हत्या की खबर सुनी। आरोपी आगर साय गांव में झाड़-फूंक करता है। बीती रात उसके घर कुछ मेहमान आए थे। रात में खाने-पीने के बाद सभी सोने चले गए थे।
खबर के अनुसार सुबह जब आरोपी की बहू उठी तो उसे आरोपी ने बताया कि उसके सास की पूजा कमरे में लाश पड़ी है। इसकी सूचना मिलते ही उसने अपने पति को उठाया और पुलिस को गांव वालों ने सूचना दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उसने गांव वालों और पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल भी लिया है।
पुलिस ने बताया कि लगातार बयान बदल रहा आरोपी
आरोपी ने गांव वालों को शुरुआती दौर में बताया कि देर रात कुछ लोग उसके घर मे घुसे थे। उन्होंने उसके पत्नी की हत्या (Wife murder) की। कुछ देर बाद उसने लोगों को कहा कि उसने “बकरे” को मारा है। खून की जांच कराई जा सकती है। पुलिस के पहुंचने के बाद वह चरित्र शंका की बात कहने लगा।
कैसे उठा पर्दा
पूजा कमरे में सुबह मिली थी लाश, मामले को चरित्र सन्देह का एंगल देने की कोशिश कर रहे आरोपी ने पूजा कमरे में ही हत्या (Murder) की थी। पूजा के आसपास करीब आधे दर्जन हथियार रखे हुए थे। बताया जा रहा है कि आरोपी नवरात्र (Navratra) पर व्रत रखकर पूजा-अर्चना भी कर रहा था। परिवार वालों का कहना है कि वह मृतिका से अक्सर मारपीट भी करता था।
हिरासत में लेकर पूछताछ जारी
आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। वह चरित्र सन्देह की बात कह रहा है। हम सभी पहलुओं पर जांच कर रहे हैं। घटना पूजा कमरे में हुई है। शरीर पर करीब आधे दर्जन वार हैं।
अनूप एक्का, टीआई, गांधीनगर