
ग्वालियर : शहर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां ऑनलाइन गेम में मोटा मुनाफा कमाने का लालच एक कारोबारी दंपति को भारी पड़ गया। कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले बर्तन व्यवसायी पीयूष गुप्ता और उनकी पत्नी आकांक्षा गुप्ता से अज्ञात साइबर ठगों ने करीब 60 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इनवाइट लिंक से शुरू हुआ खेल
जानकारी के मुताबिक, 3 नवंबर 2025 को आकांक्षा गुप्ता के मोबाइल पर एक लिंक आया, जो “इनवाइट गेम क्लब” के नाम से था। लिंक खोलने पर एक वेबसाइट सामने आई, जिसमें रजिस्ट्रेशन का विकल्प था। साथ ही संबंधित टेलीग्राम ग्रुप पर करीब डेढ़ लाख फॉलोअर्स दिखाए गए, जिससे वेबसाइट विश्वसनीय प्रतीत हुई।
शुरुआत में आकांक्षा ने 10 हजार रुपये निवेश करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी गलती से 1 लाख रुपये ट्रांसफर हो गए। जब उन्होंने संपर्क किया तो सामने से आश्वासन दिया गया कि पूरी रकम सुरक्षित है और जल्द ही मुनाफे के साथ वापस मिलेगी। विश्वास बढ़ाने के लिए उनसे 50 हजार रुपये और जमा करवाए गए।
शुरुआती मुनाफे ने बढ़ाया भरोसा
कुछ समय बाद आकांक्षा के खाते में 1 लाख 20 हजार रुपये जमा हुए, जिसे मुनाफा बताया गया। इस शुरुआती रिटर्न ने उनका भरोसा मजबूत कर दिया। इसके बाद उन्होंने लगातार गेम में निवेश करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे आकांक्षा ने करीब 15 लाख रुपये लगा दिए, लेकिन बाद में कोई रिटर्न नहीं मिला।
जब रकम फंसने लगी तो उन्होंने अपने पति पीयूष गुप्ता को पूरी जानकारी दी। मुनाफे की उम्मीद में पीयूष भी इस ऑनलाइन गेम में शामिल हो गए। दोनों ने मिलकर करीब दो महीने के भीतर 60 लाख रुपये निवेश कर दिए।
पैसा डूबने पर हुआ ठगी का अहसास
लगातार निवेश के बावजूद जब कोई रकम वापस नहीं आई और वेबसाइट व टेलीग्राम ग्रुप से जवाब मिलना बंद हो गया, तब दंपति को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और बैंक खातों तथा डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल भी मामले की पड़ताल में जुटी है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, ऑनलाइन गेम या निवेश प्लेटफॉर्म पर बिना सत्यापन के पैसा न लगाएं। शुरुआती मुनाफा दिखाकर ठग भरोसा जीतते हैं और बाद में बड़ी रकम हड़प लेते हैं।
मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश के लिए डिजिटल ट्रेल खंगाले जा रहे हैं।
