छत्तीसगढ़ विधानसभा का अष्टम सत्र 23 फरवरी से 20 मार्च तक, 15 बैठकें आयोजित की जाएंगी

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय ने विधानसभा के अष्टम सत्र की तिथियों की औपचारिक घोषणा कर दी है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार छत्तीसगढ़ की षष्ठम विधानसभा का अष्टम सत्र सोमवार, 23 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर शुक्रवार, 20 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा। यह सत्र नवा रायपुर स्थित विधानसभा भवन में संपन्न होगा।
इस सत्र के दौरान कुल 15 बैठकें आयोजित की जाएंगी। सत्र की अवधि के दौरान राज्य की विधायी और वित्तीय गतिविधियों पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी। विशेष रूप से राज्यपाल का अभिभाषण, वित्तीय कार्यों के साथ-साथ अन्य आवश्यक शासकीय कार्य इस सत्र में संपादित किए जाएंगे।
अष्टम सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी, जिसमें वे राज्य सरकार की नीतियों, योजनाओं और आगामी कार्यदिशा पर सदन को संबोधित करेंगे। यह अभिभाषण सरकार की प्राथमिकताओं और विकासात्मक एजेंडे का खाका प्रस्तुत करता है। इसके बाद सदन में वित्तीय कार्यों पर चर्चा होगी, जिसमें बजट से जुड़े विषय, विभागीय अनुदान मांगें तथा अन्य आर्थिक प्रस्ताव शामिल रहेंगे।
विधानसभा सत्र को लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है, जहां जनप्रतिनिधि जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाते हैं। इस सत्र के दौरान विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच विभिन्न नीतिगत विषयों, विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा प्रशासनिक निर्णयों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण, स्थगन प्रस्ताव और शून्यकाल जैसे संसदीय माध्यमों के जरिए विधायक अपनी-अपनी बात सदन के समक्ष रखेंगे।

सूत्रों के अनुसार अष्टम सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत किए जा सकते हैं। इसके साथ ही सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, सामाजिक कल्याण योजनाओं और आर्थिक प्रगति से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी। ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आदिवासी कल्याण और बुनियादी ढांचे से जुड़े विषय सत्र के प्रमुख एजेंडे में शामिल रह सकते हैं।
विधानसभा सचिवालय ने सत्र के सुचारु संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। विधायकों, अधिकारियों और मीडिया के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि सत्र के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के सचिव श्री दिनेश शर्मा के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने बताया कि सत्र का उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के तहत राज्यहित से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों पर विचार-विमर्श करना है। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह अष्टम सत्र राज्य की राजनीति और प्रशासनिक दिशा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

