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Korba News: न्यूज एंकर सलमा हत्याकांड में सनसनी: ‘गोद में शव, होंठों पर गाना और हाथ में सिगरेट’ — कोर्ट में गवाह का खौफनाक खुलासा

कोरबा: न्यूज एंकर सलमा सुल्तान हत्याकांड की सुनवाई के दौरान विशेष सत्र न्यायालय में ऐसा बयान सामने आया, जिसने पूरे कोर्टरूम को सन्न कर दिया। वर्ष 2018 में हुई इस चर्चित हत्या मामले में पेश चश्मदीद गवाह ने जिम ट्रेनर मधुर साहू पर न सिर्फ बेरहमी से हत्या करने का आरोप लगाया, बल्कि हत्या के बाद उसके कथित व्यवहार को भी बेहद भयावह बताया।

गवाह (काल्पनिक नाम डिंपल सिंह) ने अदालत में कहा कि सलमा की हत्या के बाद मधुर साहू शव को बाएं हाथ से गोद में लेकर दाएं हाथ से सिगरेट पीते हुए ‘तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं’ गाना गा रहा था। गवाह के मुताबिक यह गीत सलमा का पसंदीदा था। इस बयान ने अदालत में मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया।

गवाह ने बताया कि वह उस समय प्रोटीन वर्ल्ड जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम करती थी। उसने कोर्ट में स्वीकार किया कि मधुर साहू ने उसे भी अपने प्रेमजाल में फंसाया था। लेकिन जब उसने कंप्यूटर में अन्य युवतियों के साथ मधुर की आपत्तिजनक तस्वीरें देखीं, तो उसने संबंध तोड़ने की कोशिश की। आरोप है कि मधुर ने उसे बदनाम करने और निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर चुप रहने को मजबूर किया।

गवाही के दौरान यह भी सामने आया कि सलमा सुल्तान और मधुर साहू शारदा विहार स्थित घर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। सलमा को मधुर की गतिविधियों पर संदेह था, जिसको लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

घटना के दिन का जिक्र करते हुए गवाह ने बताया कि जब वह और एक अन्य महिला कर्मचारी (काल्पनिक नाम विमला) कमरे से बाहर आईं, तो उन्होंने देखा कि मधुर साहू सलमा के ऊपर बैठकर उसका गला दबा रहा था, जबकि कौशल श्रीवास तकिए से उसका मुंह दबाए हुए था। डर के कारण वह बाहर भागना चाहती थी, लेकिन उसे धमकाकर रोक लिया गया। इसके बाद दोनों युवतियों को कथित रूप से सबूत मिटाने में भी इस्तेमाल किया गया।

मामले में मधुर साहू, कौशल श्रीवास और अतुल शर्मा को गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि हत्या के बाद शव को पहले एक स्थान पर दफनाया गया और बाद में दर्री-कोरबा मार्ग स्थित भवानी मंदिर के पास सड़क किनारे दफना दिया गया। वर्ष 2023 में फोरलेन सड़क निर्माण के दौरान दफन शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान सलमा सुल्तान के रूप में हुई।

चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी ट्रायल लंबित रहने के आधार पर आरोपितों को जमानत मिल चुकी है। विशेष लोक अभियोजक सुनील सोनवानी के अनुसार प्रारंभिक जांच में पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं हो पाए थे, लेकिन अब सुनवाई के दौरान मजबूत सबूत और गवाहियां अदालत में रखी जा रही हैं।

अब इस बहुचर्चित हत्याकांड में चश्मदीद गवाह की गवाही को निर्णायक माना जा रहा है। अदालत में आगे की सुनवाई के साथ यह तय होगा कि सलमा सुल्तान को न्याय कब और कैसे मिलेगा।

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