वारदात

Cybet Crime : ऑपरेशन साइबर शील्ड में बड़ी सफलता: Winmate ऐप से साइबर फ्रॉड करने वाले दो आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार

रायपुर। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत एक बड़ी कार्रवाई की गई है। एंड्रॉइड यूज़र्स को निशाना बनाकर साइबर फ्रॉड करने वाले दो आरोपियों — पृथ्वी बिश्नोई और नरसिंह सिंह — को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी Winmate ऐप का उपयोग कर मोबाइल हैकिंग और बैंक खातों से अवैध लेन-देन को अंजाम दे रहे थे।
कैसे करते थे धोखाधड़ी?
आरोपी सोशल मीडिया और यूट्यूब पर “Task Complete”, “Instant Bonus”, “Referral Bonus”, और गेम खेलकर कमाई जैसे लोभ दिखाकर Winmate/Wingo जैसे फर्जी ऐप डाउनलोड कराने का जाल बिछाते थे।
ये ऐप Play Store/App Store पर उपलब्ध नहीं होते।
इंस्टॉल करते ही यूजर से SMS Task के नाम पर उसके फोन नंबर से चोरी-छिपे हजारों फर्जी SMS भेजे जाते थे।
SMS में शामिल लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो जाता था और बैंक खाते से रकम निकाल ली जाती थी।
शिकायत से खुला मामला
धर्मेंद्र सिंह नामक व्यक्ति ने थाना विधानसभा में शिकायत की थी कि RTOechallan नाम से आए लिंक पर क्लिक करने के बाद उनके खाते से 4.52 लाख रुपये कट गए।
इस पर धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता एवं IT Act 66(D) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विस्तृत तकनीकी जांच की गई।
क्विक कॉमर्स का चौंकाने वाला इस्तेमाल
ठगी की रकम को ट्रैक से दूर रखने के लिए आरोपी Swiggy/Instamart जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म से सामान मंगवाकर अलग-अलग राज्यों में डिलीवरी करवाते थे।
क्या-क्या हुआ बरामद?
घटना में प्रयुक्त मोबाइल
सिम कार्ड
बैंक अकाउंट
इससे पहले भी इसी तरह के फ्रॉड में WinGo ऐप से जुड़े तीन आरोपियों को महाराष्ट्र, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपी:
पृथ्वी कुमार बिश्नोई उर्फ राहुल, उम्र 20 वर्ष, ग्राम डोलीकला, थाना कल्याणपुर, बाड़मेर (राजस्थान)
नरसिंह सिंह, उम्र 24 वर्ष, निवासी भोपालगढ़, जोधपुर (राजस्थान)
साइबर सेल ने की महत्वपूर्ण अपील
ऐप हमेशा केवल Play Store/App Store से ही डाउनलोड करें।
आसान कमाई, गारंटीड रिटर्न जैसे लालचों से बचें।
अनावश्यक परमिशन मांगने वाले ऐप्स को इंस्टॉल न करें।
किसी भी अनजान लिंक/APK/कॉल के निर्देशों का पालन न करें।
साइबर ठगी होते ही 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in� पर शिकायत करें।

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