नौकरी

दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला : निजी स्कूलों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार देना होगा वेतन, शिक्षिका के परिवार को मिलेगा बकाया

दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए कहा कि सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को अपने शिक्षकों और कर्मचारियों को सरकारी स्कूलों की तर्ज पर सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के अनुरूप वेतन और भत्ते देना अनिवार्य है। यह फैसला न्यायमूर्ति संजीव नरुला की पीठ ने एक महिला शिक्षिका द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सुनाया।

अदालत ने स्कूल प्रबंधन की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि फीस न बढ़ पाने के कारण वे सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन देने की स्थिति में नहीं हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि नियमों का अनुपालन करना हर निजी स्कूल की कानूनी जिम्मेदारी है।

यह याचिका सुजाता मेहता नामक शिक्षिका ने दायर की थी, जो 1984 से एक निजी स्कूल में पढ़ा रही थीं और 30 नवंबर 2019 को सेवानिवृत्त हुईं। लेकिन उन्हें सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन और अन्य लाभ नहीं मिले। हाल ही में उनका निधन हो गया, जिसके बाद कोर्ट ने आदेश दिया कि उनके कानूनी वारिसों को पूरा बकाया भुगतान किया जाए।

यह फैसला राजधानी के निजी स्कूलों के संचालन, शिक्षकों के अधिकारों और वेतन संरचना को लेकर एक बड़ा और प्रभावी निर्देश माना जा रहा है।

:

Related Articles

Back to top button