छत्तीसगढ़

हर घर नल-जल मिशन की समीक्षा: 31 अगस्त तक पूर्ण योजनाओं का भौतिक सत्यापन, 31 दिसंबर तक अधूरे कार्य पूरे करने के निर्देश

रायपुर: राज्य के सभी परिवारों तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य के साथ मुख्य सचिव विकासशील ने गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों के साथ हर घर नल (जल जीवन मिशन) की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मिशन के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, नियमित मॉनिटरिंग और जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि जल जीवन मिशन वर्ष 2019 में प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि इस योजना से महिलाओं का समय बचेगा, जलजनित बीमारियों में कमी आएगी तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।

31 अगस्त तक भौतिक सत्यापन, 31 दिसंबर तक अधूरे कार्य पूरे

मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में मिशन मोड में कार्य करते हुए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हर माह जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की जाए।

बैठक में पूर्ण और हस्तांतरित योजनाओं के भुगतान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि जिन योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, उनका 31 अगस्त 2026 तक शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। वहीं, अधूरी योजनाओं को 31 दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करने को भी कहा गया।

जल स्रोत संरक्षण और वैकल्पिक स्रोतों पर जोर

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि रनिंग बिलों का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्माण कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी, जिला खनिज न्यास (डीएमएफ), सांसद निधि, विधायक निधि, सीएसआर और अन्य उपलब्ध स्रोतों से वित्तीय संसाधन जुटाकर योजनाओं को पूरा किया जाए।

उन्होंने प्रत्येक जिले को जल स्रोतों का आकलन करने, नए स्रोतों की पहचान, जल स्रोत संरक्षण और रिचार्ज व्यवस्था विकसित करने तथा प्रत्येक स्रोत के संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। जिन योजनाओं में वर्तमान जल स्रोत पर्याप्त नहीं हैं, वहां वैकल्पिक स्रोतों की पहचान कर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया।

नियमित मॉनिटरिंग और शत-प्रतिशत कवरेज के निर्देश

मुख्य सचिव ने प्रत्येक जिले को गांवों को इकाई मानकर शत-प्रतिशत नल-जल कवरेज सुनिश्चित करने, जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित मासिक बैठक आयोजित करने और बैठक की कार्यवाही समय पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्पष्ट आकलन, बेहतर योजना और प्रभावी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य कर राज्य के प्रत्येक परिवार तक समयबद्ध रूप से नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, सभी जिलों के कलेक्टर और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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