
रायपुर: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफेसर आनंद और उनकी विशेषज्ञ टीम ने जिला विज्ञान केंद्र, दंतेवाड़ा का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में संचालित विभिन्न वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
इसरो की टीम ने विज्ञान केंद्र की स्पेस गैलरी, फिजिक्स गैलरी, माइनिंग गैलरी, विभिन्न विज्ञान प्रदर्शनों, वर्किंग मॉडल और विद्यार्थियों के लिए आयोजित ‘करके सीखें’ गतिविधियों का निरीक्षण किया। वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से सुदूर जनजातीय क्षेत्र के बच्चों को प्रयोग एवं व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान से जोड़ने की पहल को महत्वपूर्ण बताया।
वैज्ञानिकों ने कहा कि विज्ञान केंद्र विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा और प्रयोगधर्मिता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने केंद्र प्रमुख उपेंद्र गौतम और उनकी टीम द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।

इस दौरान वैज्ञानिकों ने केंद्र में नियमित रूप से आयोजित शैक्षणिक भ्रमण, ‘कबाड़ से जुगाड़’ विज्ञान गतिविधियों और खगोल विज्ञान आधारित डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन का भी जायजा लिया। उन्होंने इन गतिविधियों को विद्यार्थियों में विज्ञान, अंतरिक्ष अनुसंधान और नवाचार के प्रति रुचि बढ़ाने वाला प्रभावी माध्यम बताया।
इसरो की टीम ने कहा कि ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विज्ञान की व्यावहारिक समझ उपलब्ध कराने से उनमें नई सोच और नवाचार की क्षमता विकसित होती है। ऐसी पहलें बच्चों को भविष्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
भ्रमण के अंत में जिला विज्ञान केंद्र प्रबंधन ने इसरो के वैज्ञानिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। वैज्ञानिकों की टीम के आगमन से विज्ञान केंद्र के विद्यार्थियों, शिक्षकों और विज्ञान में रुचि रखने वाले युवाओं में उत्साह का वातावरण रहा।
