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बालोद में पागल कुत्ते का आतंक, सरपंच सहित 20 से ज्यादा लोग घायल, गांवों में दहशत

बालोद जिले के ग्रामीण इलाकों में एक पागल कुत्ते का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते दो दिनों में इस कुत्ते ने अलग-अलग गांवों में हमला कर अब तक 20 से अधिक लोगों को काटकर घायल कर दिया है। ताजा घटनाक्रम में कुत्ते ने ग्राम सरपंच सहित 9 लोगों पर हमला किया, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।

जानकारी के अनुसार, एक दिन पहले ही इसी कुत्ते ने 11 लोगों को अपना शिकार बनाया था। इसके बाद अगले दिन फिर से अलग-अलग गांवों में घूमते हुए कुत्ते ने कई लोगों पर हमला कर दिया। हमलों की यह सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी दहशत देखी जा रही है।

बताया जा रहा है कि यह कुत्ता नारागांव, नर्रा, बरही, कन्नेवाड़ा, करहीभदर, मुजगहन सोरर सहित आसपास के अन्य गांवों में घूम-घूमकर लोगों पर हमला कर रहा है। कुत्ता अचानक राह चलते लोगों पर झपट्टा मार रहा है, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायल लोगों में बुजुर्ग, युवा और महिलाएं भी शामिल हैं।

इस पूरे घटनाक्रम का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें कुत्ता एक बुजुर्ग पर हमला करता हुआ दिखाई दे रहा है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि बुजुर्ग अपनी जान बचाने के लिए लाठी के सहारे कुत्ते को खदेड़ते हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में और अधिक डर फैल गया है।

लगातार हो रहे हमलों से नाराज और भयभीत ग्रामीण अब लाठी-डंडे लेकर कुत्ते को मारने के इंतजार में नजर आ रहे हैं। कई गांवों में लोग समूह बनाकर पहरा दे रहे हैं, ताकि कुत्ता दिखाई देने पर उसे पकड़ा या भगाया जा सके। हालांकि, इस दौरान किसी बड़ी अनहोनी की आशंका भी बनी हुई है।

घायल सभी लोगों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। डॉक्टरों ने सभी घायलों को रेबीज से बचाव के इंजेक्शन लगाए हैं और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए। लोगों ने मांग की है कि कुत्ते को जल्द से जल्द पकड़कर इलाके को सुरक्षित किया जाए, ताकि आगे किसी और की जान खतरे में न पड़े। वहीं, बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है।

लगातार बढ़ते इस खतरे ने प्रशासन और पशुपालन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही इस पागल कुत्ते को काबू में कर हालात सामान्य किए जाएंगे, वरना आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है।

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