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पर्व विशेष : बसंत पंचमी 2026 पर बन रहे हैं दुर्लभ योग-संयोग, शुभ कार्यों के लिए रहेगा अबूझ मुहूर्त

बसंत पंचमी : हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। वर्ष 2026 में बसंत पंचमी 23 जनवरी, शुक्रवार को पड़ेगी। इस बार का पर्व ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन कई दुर्लभ और शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। साथ ही बसंत पंचमी को स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त भी माना जाता है, जिसके कारण यह दिन सभी शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी रहेगा।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार बसंत पंचमी के दिन विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद, नया व्यापार शुरू करना, संपत्ति क्रय-विक्रय जैसे कार्य बिना किसी विशेष मुहूर्त देखे किए जा सकते हैं। मान्यता है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य स्थायी सफलता प्रदान करता है।

बसंत पंचमी 2026: तिथि और पूजा मुहूर्त

  • तिथि प्रारंभ: 23 जनवरी 2026, सुबह 02:28 बजे

  • पूजा का श्रेष्ठ समय: सुबह 07:00 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक

अबूझ मुहूर्त का महत्व

हिंदू धर्म में वर्ष में कुल साढ़े तीन अबूझ मुहूर्त माने गए हैं, जिनमें अक्षय तृतीया, विजयादशमी, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा और कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा का आधा भाग शामिल है। इस बार बसंत पंचमी को भी इन्हीं के समान अबूझ मुहूर्त जैसा फलदायी माना जा रहा है। ज्योतिष के अनुसार इस दिन पूरा दिन और रात शुभ रहती है।

बसंत पंचमी 2026 के शुभ योग

  • रवि योग: यह योग सभी प्रकार के दोषों को समाप्त करने वाला माना जाता है। इससे मान-सम्मान और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।

  • सर्वार्थ सिद्धि योग: इस योग में किया गया हर कार्य सिद्ध होता है। नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह योग अत्यंत शुभ है।

  • अमृत सिद्धि योग: यह योग सफलता और कार्यों में स्थायित्व प्रदान करता है।

ग्रहों की विशेष स्थिति

इस बार बसंत पंचमी पर मालव्य और शश राजयोग का निर्माण हो रहा है। शुक्र और शनि के उच्च या स्वराशि में होने से यह राजयोग बन रहा है, जो करियर, धन और सुख-सुविधाओं में वृद्धि करता है। इसके अलावा बुधादित्य योग भी बन रहा है, जो विद्यार्थियों और बौद्धिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

इस दिन क्या करना होगा विशेष फलदायी

  • अक्षर अभ्यास: छोटे बच्चों की शिक्षा की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम दिन

  • विद्या दान: जरूरतमंद बच्चों को किताब, पेन या शिक्षा सामग्री दान

  • पीले रंग का प्रयोग: पीले वस्त्र पहनना और पीले पकवानों का भोग लगाना शुभ

निष्कर्ष

बसंत पंचमी 2026 न केवल धार्मिक बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यंत शुभ दिन है। दुर्लभ योगों और अबूझ मुहूर्त के कारण यह दिन नई शुरुआत और सफलता का द्वार खोल सकता है।

डिस्क्लेमर- इस समाचार में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय गणनाओं और पंचांग पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य सूचना प्रदान करना है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा या निर्णय से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ या पंडित से परामर्श अवश्य करें।

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