मुरैना में कांग्रेस सम्मेलन के दौरान अव्यवस्था, भोजन को लेकर कार्यकर्ताओं में अफरा-तफरी, वीडियो वायरल

मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में आयोजित कांग्रेस सम्मेलन उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब सम्मेलन के समापन के बाद भोजन व्यवस्था को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। सम्मेलन स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने खाने के काउंटरों पर टूट पड़ते हुए जमकर भोजन लूटा। किसी ने दाल की बाल्टी संभाल ली तो कोई मिठाई और सब्जी से भरी प्लेट लेकर भागता नजर आया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे कांग्रेस की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार यह कांग्रेस सम्मेलन कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी तथा राजस्थान की भरतपुर से सांसद संजना जाटव की अध्यक्षता में आयोजित किया गया था। सम्मेलन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने संगठन को मजबूत करने, आगामी राजनीतिक रणनीति और जनहित के मुद्दों पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। सम्मेलन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद भोजन वितरण की व्यवस्था की गई थी।
लेकिन सम्मेलन समाप्त होते ही भोजन काउंटरों पर अचानक भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यकर्ता कतार में लगने के बजाय एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में नजर आए। हालात इतने बिगड़ गए कि कई कार्यकर्ता एक-दूसरे से प्लेट छीनते और भोजन पर कब्जा करते दिखाई दिए। कुछ कार्यकर्ता दाल, सब्जी और मिठाई के बड़े-बड़े बर्तन उठाकर ले जाते हुए भी वीडियो में कैद हुए हैं। भोजन को लेकर मची इस अफरा-तफरी ने कुछ ही मिनटों में पूरे आयोजन की व्यवस्था को अव्यवस्थित कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आयोजकों द्वारा की गई भोजन व्यवस्था भीड़ के अनुपात में पर्याप्त नहीं थी, जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ गई। सुरक्षा और स्वयंसेवकों की संख्या कम होने के कारण भी भीड़ को नियंत्रित नहीं किया जा सका। यही वजह रही कि अनुशासन की जगह अव्यवस्था ने ले ली और कार्यक्रम की गरिमा पर सवाल खड़े हो गए।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए इसे संगठनात्मक अनुशासन की कमी बताया है। वहीं, सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे दृश्य एक राष्ट्रीय पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।
हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह घटना सम्मेलन के बाद अचानक भीड़ बढ़ने और व्यवस्थाओं में कमी के कारण हुई। साथ ही भविष्य में ऐसे आयोजनों में बेहतर प्रबंधन और अनुशासन सुनिश्चित करने की बात भी कही जा रही है।
मुरैना में हुए इस घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक आयोजनों में व्यवस्थाओं, अनुशासन और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सम्मेलन का उद्देश्य जहां संगठन को मजबूती देना था, वहीं भोजन को लेकर मची अफरा-तफरी ने पूरे कार्यक्रम की छवि को धूमिल कर दिया। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस मामले से क्या सबक लेता है और आगे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।