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छत्तीसगढ़ में 12वीं हिंदी पेपर लीक का आरोप: व्हाट्सएप पर रात में वायरल हुए सवाल, माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दर्ज कराई FIR

रायपुर: छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं के बीच कक्षा 12वीं के हिंदी विषय का प्रश्नपत्र लीक होने के कथित आरोप को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। छात्र संगठन NSUI ने दावा किया है कि परीक्षा से एक दिन पहले ही सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों में प्रश्नपत्र के सवाल वायरल हो गए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने इसकी जांच शुरू कर दी है।

मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए बारहवीं के हिंदी विषय का पेपर लीक के कथित आरोप की जांच के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने पुलिस और साइबर सेल में एफआईआर दर्ज कराई है। अब पुलिस और साइबर सेल पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रहे हैं।

13 मार्च की रात वायरल हुए सवाल
छात्र संगठन NSUI के नेताओं का आरोप है कि 13 मार्च की रात कुछ व्हाट्सएप ग्रुपों में हिंदी विषय के प्रश्नपत्र के सवाल वायरल हुए थे, जबकि यह परीक्षा 14 मार्च को आयोजित की गई थी। संगठन का दावा है कि जो सवाल रात में वायरल हुए थे, वही सवाल अगले दिन हुई परीक्षा में भी देखने को मिले।

NSUI इस मामले को उठाते हुए कहा कि यदि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया पर पहुंच गया था तो यह बोर्ड की गोपनीयता और परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

व्हाट्सएप चैनल पर शेयर हुए थे सवाल
छात्र संगठन के अनुसार 13 मार्च की रात करीब 2:41 बजे “Genius Academy Online” नाम के एक व्हाट्सएप चैनल पर दो पन्नों में करीब 15 सवाल पोस्ट किए गए थे। कुछ मिनट बाद उसी चैनल पर एक और संदेश पोस्ट किया गया जिसमें लिखा था – “इसे भी देख लेना।” संगठन का दावा है कि इन सवालों का मिलान परीक्षा में आए प्रश्नपत्र से किया गया तो कई सवाल एक जैसे पाए गए।

बोर्ड ने शुरू की जांच
विवाद बढ़ने के बाद छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस और साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रश्नपत्र और वास्तविक प्रश्नपत्र का मिलान किया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वायरल सामग्री असली है या भ्रामक।

आंदोलन की चेतावनी
NSUI ने इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द जांच नहीं हुई तो छात्र संगठन आंदोलन करेगा। इसी कड़ी में संगठन ने माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय का घेराव करने की भी चेतावनी दी है।

फिलहाल पुलिस और साइबर सेल वायरल मैसेज के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ प्रश्नपत्र वास्तव में बोर्ड परीक्षा का था या केवल अफवाह।

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