सावन सोमवार और नागपंचमी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फलेश्वरनाथ महादेव की पूजा-अर्चना की

रायपुर: सावन सोमवार और नागपंचमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय और परिवार के सदस्यों के साथ अपने गृहग्राम बगिया स्थित फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का अभिषेक कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली के साथ छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति की मंगलकामना की।
मैनी नदी के सुरम्य तट पर स्थित फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में 17 से 19 अगस्त तक एक लाख 11 हजार 111 पार्थिव शिवलिंग के निर्माण एवं पूजन का तीन दिवसीय विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कौशल्या साय ने श्रद्धालुओं के साथ अपने हाथों से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया तथा विधि-विधान से पूजन एवं अभिषेक किया। वैदिक मंत्रोच्चार और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को नागपंचमी और पवित्र सावन मास की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का विशेष अवसर है। भगवान भोलेनाथ लोकमंगल और कल्याण के प्रतीक हैं। उन्होंने कामना की कि महादेव की कृपा छत्तीसगढ़ के प्रत्येक परिवार पर बनी रहे, किसानों के खेत-खलिहान समृद्ध हों और प्रदेश में सुख, शांति एवं खुशहाली निरंतर बढ़ती रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में प्रकृति और परमात्मा के प्रति श्रद्धा का अद्भुत समन्वय है। नदियां, वन, पर्वत और जीव-जगत हमारी आस्था एवं जीवन परंपरा के अभिन्न अंग हैं। सावन के पवित्र महीने में शिव आराधना हमें प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, लोककल्याण और सेवा का संदेश देती है।
आस्था और भक्ति का केंद्र बना फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर
तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान को लेकर फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर और आसपास के क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर भगवान भोलेनाथ की आराधना कर रहे हैं।
आयोजन के दौरान पार्थिव शिवलिंग निर्माण, पूजन, अभिषेक, आरती, पूर्णाहुति और प्रसाद वितरण सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। 17 अगस्त को पहले दिन पार्थिव शिवलिंग निर्माण के साथ पूजन-अभिषेक, आरती और प्रसाद वितरण किया गया। 18 अगस्त को भी पार्थिव शिवलिंग निर्माण, पूजन एवं अभिषेक के बाद आरती और प्रसाद वितरण होगा। तीन दिवसीय अनुष्ठान का समापन 19 अगस्त को पार्थिव शिवलिंग पूजन और विशेष पूर्णाहुति के साथ होगा।
लोकमंगल की कामना के साथ 1,11,111 पार्थिव शिवलिंग
विशेष अनुष्ठान में एक लाख 11 हजार 111 पार्थिव शिवलिंग के निर्माण और पूजन का संकल्प लिया गया है। श्रद्धालु सामूहिक रूप से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर भगवान भोलेनाथ की आराधना कर रहे हैं। सामूहिक शिव आराधना के माध्यम से प्रदेश और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं लोककल्याण की कामना की जा रही है।
तीन दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान से बगिया और आसपास का क्षेत्र शिवभक्ति में सराबोर है। मैनी नदी के तट पर वैदिक मंत्रोच्चार, शिव आराधना और श्रद्धालुओं के जयघोष के बीच फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर आस्था और आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

