भारत

Monkey Attack : उदयपुर कोर्ट परिसर में दो घंटे तक बंदर का उत्पात, वकीलों को दौड़ा-दौड़ा कर काटा, जरूरी फाइलें फाड़ी

राजस्थान :  शुक्रवार को उदयपुर के कोर्ट परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक बंदर अचानक बेकाबू होकर लोगों पर हमला करने लगा। शांत रहने वाला न्यायालय परिसर कुछ ही पलों में चीख-पुकार और भगदड़ का केंद्र बन गया। बंदर के अचानक आक्रामक हो जाने से वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों में दहशत फैल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय कोर्ट परिसर में सामान्य कामकाज चल रहा था। इसी दौरान परिसर में घूम रहा एक बंदर अचानक उग्र हो गया और वहां मौजूद लोगों पर झपटने लगा। बंदर ने 2 से 3 वकीलों को दौड़ा-दौड़ा कर काट लिया, जिससे वे घायल हो गए। हमले के दौरान लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कई लोग कोर्ट रूम और दफ्तरों में खुद को बंद कर सुरक्षित स्थान तलाशते दिखे।

वकीलों की फाड़ दी फाइलें
बंदर का उत्पात केवल लोगों पर हमले तक सीमित नहीं रहा। उसने वकीलों की टेबल पर रखी जरूरी कानूनी फाइलें, दस्तावेज और अन्य सामान भी फाड़ डाले। कई महत्वपूर्ण केस से जुड़ी फाइलें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे वकीलों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। कुछ देर के लिए कोर्ट परिसर में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही कोर्ट प्रशासन और सुरक्षा कर्मी हरकत में आए, लेकिन आक्रामक बंदर के कारण कोई भी उसके पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। स्थिति बिगड़ती देख तत्काल वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई।

रेस्क्यू टीम के पहुंचने के बाद बंदर को पकड़ने का प्रयास शुरू किया गया। लोगों ने बताया कि बंदर बेहद आक्रामक था और बार-बार हमला करने की कोशिश कर रहा था, जिससे रेस्क्यू टीम को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जाल बिछाकर बंदर को काबू में किया गया। बंदर के पकड़े जाने के बाद कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने बताया कि पकड़े गए बंदर को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर जंगल में छोड़ा जाएगा। वहीं, घायल वकीलों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

इस घटना के बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीवों की आवाजाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वकीलों और कर्मचारियों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की है।

Related Articles

Back to top button