CG News : नवगुरुकुल से साकार हो रहे युवाओं के सपने, नेहारिका और नीलम बनीं सफलता की मिसाल

जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में नवगुरुकुल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जशपुर जिले की दो बेटियाँ—नेहारिका लकड़ा और नीलम यादव—आज अपनी सफलता की कहानी के माध्यम से यह साबित कर रही हैं कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से हर सपना साकार हो सकता है।
नेहारिका लकड़ा: संघर्ष से सफलता तक का सफर
जशपुर निवासी नेहारिका लकड़ा एक साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता किसान हैं, माता शासकीय स्कूल में रसोइया के रूप में कार्यरत हैं और छोटा भाई कक्षा 10वीं में अध्ययनरत है। प्रारंभिक शिक्षा गाँव से पूरी करने के बाद नेहारिका को अपने स्कूल शिक्षकों से नवगुरुकुल के बारे में जानकारी मिली। 12वीं के बाद उन्होंने मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन टेस्ट और इंटरव्यू दिया और चयनित होकर नवगुरुकुल जशपुर कैंपस में Programming कोर्स जॉइन किया।
अपने प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कई कंपनियों में आवेदन के बाद जवाब नहीं मिलने से निराशा भी हुई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। नवगुरुकुल में उन्होंने तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ लीडरशिप, प्रोफेशनल व्यवहार, अंग्रेज़ी संचार और आत्मविश्वास से बोलने की कला सीखी। मेंटरशिप की जिम्मेदारियाँ निभाकर उन्होंने अपने व्यक्तित्व को और निखारा।
कोर्स पूरा करने के बाद नेहारिका की पहली नौकरी Kingdom of Chess (KOC) में Customer Relationship Executive के रूप में लगी, जहाँ उन्होंने 9 माह तक 2.5 लाख रुपये वार्षिक वेतन पर कार्य किया। वर्तमान में वे KPS (Kusmi Public School) में कंप्यूटर टीचर के रूप में कार्यरत हैं, जहाँ उनका वार्षिक वेतन 1.5 लाख रुपये है। नेहारिका का कहना है कि नवगुरुकुल से मिला निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत रहा है।

नीलम यादव: नवगुरुकुल से मिला नया जीवन मोड़
जशपुर की ही नीलम यादव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शिशु निकेतन हाई स्कूल से तथा 11वीं-12वीं की पढ़ाई गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, गामहरिया से पूरी की। स्कूल में आयोजित सेमिनार और स्वामी आत्मानंद बॉयज़ स्कूल में हुए कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें नवगुरुकुल के लर्निंग मॉडल की जानकारी मिली।
एंट्रेंस परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वे नवगुरुकुल जशपुर कैंपस से जुड़ीं। यहाँ उन्होंने डेटा एनालिटिक्स और बेसिक अकाउंट्स के साथ-साथ अंग्रेज़ी संचार, आत्मविश्वास, लाइफ स्किल्स और सॉफ्ट स्किल्स का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
प्रशिक्षण के एक वर्ष के भीतर ही उन्हें उमाश्री टेक्सप्लास्ट प्राइवेट लिमिटेड, अहमदाबाद में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव पद पर नियुक्ति मिली। इस पद पर उनका वार्षिक वेतन 19,96,600 रुपये है। नीलम बताती हैं कि नवगुरुकुल ने उन्हें झिझकने वाली लड़की से आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी व्यक्तित्व में परिवर्तित कर दिया।
युवाओं के लिए प्रेरणा
नेहारिका और नीलम की सफलता यह दर्शाती है कि नवगुरुकुल न केवल तकनीकी शिक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि युवाओं को जीवन कौशल, आत्मविश्वास और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा रहा है। यह संस्थान जशपुर सहित प्रदेश के युवाओं के लिए नई उम्मीद और उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
