नियद- नेल्लानार योजना: नक्सल प्रभावित दुरस्त अंचलों तक पहुंची सरकारी योजनाओं का लाभ

नियद नेल्लानार योजना छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 2024 में शुरू की गई एक विकास योजना है, जिसका उद्देश्य नक्सल प्रभावित जिलों जैसे सुकमा, बीजापुर, कांकेर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर के दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाना है। इस योजना के तहत, गांवों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना, उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाना और शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में विकास करना शामिल है। इस योजना का उद्देश्य माओवाद से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाना है। महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन भी इस योजना का हिस्सा है।
पात्रता (लाभार्थी/लाभ-क्षेत्र):
प्राथमिक लाभ ग्रामीण/ग्रामवासी और आदिवासी स्तरीय समुदाय जिनके क्षेत्र नक्सल-प्रभावित माने जाते हैं – उल्लेखित पांच जिलों में प्राथमिक फोकस।
योजना का लाभ उन गाँवों/परिवारों को मिलेगा जो शासन-दृश्य सेवाओं (आधार, आयुष्मान, राशन, बिजली, पानी इत्यादि) के लिये सूचीबद्ध हैं।
आवश्यक दस्तावेज़ / आवेदन:
स्थानीय पंचायत/ब्लॉक कार्यालय के माध्यम से सूचीकरण; राशन-कार्ड/आधार/परिचय-दस्तावेजों पर आधारित सत्यापन। योजना के लिए जिला-वार पोर्टल और लॉगिन/डैशबोर्ड प्रणाली मौजूद है (प्रशासनिक लॉगिन आधारित) ताकि वितरण-स्थिति व प्रगति ट्रैक हो सके।
लाभ / सेवाएँ:
आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बिजली, पानी, सड़क, बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवाएँ, मोबाइल/टावर-स्थापना और अन्य मूलभूत सुविधाओं का समेकित प्रावधान। स्वास्थ्य टीमों/विशेषज्ञों का दूरदराज गांवों में अभियान भी इस योजना के अंतर्गत रिपोर्ट किया गया है।
उपयोगी लिंक (ऑफिशियल):
Niyad-Nellanār Dashboard / FCS पोर्टल: https://fcs.cg.gov.in/niyad/ (लॉगिन/डैशबोर्ड उपलब्ध)। DPRCG पर योजना-सम्बन्धी रिपोर्टें भी प्रकाशित रहती हैं।
