छत्तीसगढ़

CG News : नियद नेल्लानार योजना से बस्तर के 400 से अधिक गांवों तक पहुंचा विकास, नारायणपुर को 351 करोड़ की सौगात

रायपुर :  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दो दिवसीय प्रवास पर नारायणपुर पहुंचे, जहां उन्होंने हाई स्कूल मैदान में आयोजित बस्तर पण्डुम के जिला स्तरीय कार्यक्रम में 351 करोड़ 49 लाख 45 हजार रुपये के 357 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लाल आतंक के प्रभाव में वर्षों तक रुका रहा विकास अब तेज गति से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से बस्तर के 400 से अधिक गांवों तक विभिन्न योजनाओं और विकास गतिविधियों की पहुंच सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि माओवादी प्रभाव वाले क्षेत्रों में अब शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं। आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व माओवादियों को कौशल उन्नयन प्रशिक्षण देकर मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

उन्होंने पर्यटन, कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को सहेजने के लिए बस्तर पण्डुम जैसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में छह नए निर्माण कार्यों की घोषणा भी की गई, जिनकी अनुमानित लागत 332 करोड़ रुपये है। इनमें 125 किलोमीटर लंबा ओरछा-आदेर-लंका-बेदरे-कुटरूमैमेड मार्ग (250 करोड़ रुपये) शामिल है, जो नारायणपुर को बीजापुर से जोड़ेगा। राजनांदगांव-बैलाडिला मार्ग के 28 किमी सतह मजबूतीकरण कार्य (34 करोड़ रुपये) तथा नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग के 28 किमी कार्य (34.12 करोड़ रुपये) की घोषणा भी की गई।

इसके अलावा ब्रेहबेड़ा-कंदाड़ी-कीहीकाड़-मुरनार-बेचा मार्ग पर 80 मीटर लंबे उच्चस्तरीय सेतु निर्माण (12.42 करोड़ रुपये), अबुझमाड़ क्षेत्र में 10 वैकल्पिक प्राथमिक शालाओं के भवन और तोके में आश्रम शाला भवन (1.06 करोड़ रुपये) की स्वीकृति दी गई। गरांजी स्थित एजुकेशन हब में 50 लाख रुपये की लागत से खेल मैदान निर्माण की घोषणा भी की गई।

कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद महेश कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया और विकास कार्यों को ऐतिहासिक बताया।

मुख्यमंत्री ने बस्तर पण्डुम के दौरान आदिवासी व्यंजन, वेशभूषा और परंपराओं का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत मुख्यधारा में लौटे चार नवदंपतियों को आशीर्वाद भी प्रदान किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।

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