छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज, 18 अगस्त को टेबल-टॉप और 20 अगस्त को होगी मॉक ड्रिल

NDMA की राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस में तैयारियों की समीक्षा, विभागों को शून्य देरी से राहत-बचाव के लिए समन्वय मजबूत करने के निर्देश

रायपुर: छत्तीसगढ़ में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय उच्चस्तरीय कॉन्फ्रेंस में आपदा प्रबंधन की तैयारियों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की समीक्षा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमताओं को परखने के लिए 18 अगस्त को राज्य स्तरीय टेबल-टॉप एक्सरसाइज और 20 अगस्त को व्यापक मॉक एक्सरसाइज यानी मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।

शून्य देरी से राहत-बचाव पर जोर
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के अधिकारियों को टेबल-टॉप एक्सरसाइज से जुड़ी प्रक्रियाओं और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को पूरी तरह समझने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में किसी तरह की देरी न हो, इसके लिए पहले से तैयारियों और पूर्वाभ्यास को मजबूत करना जरूरी है।

टेबल-टॉप एक्सरसाइज के दौरान संभावित बाढ़ की परिस्थितियों को सामने रखकर विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों, निर्णय लेने की प्रक्रिया, संसाधनों की उपलब्धता और आपसी समन्वय की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद 20 अगस्त को मॉक ड्रिल के जरिए जमीनी स्तर पर तैयारियों की वास्तविक क्षमता का परीक्षण किया जाएगा।

स्वास्थ्य से लेकर जल संसाधन तक विभागों की भूमिका तय
कॉन्फ्रेंस में बाढ़ के दौरान विभिन्न विभागों की भूमिका और उनके बीच समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) और पशुपालन विभाग द्वारा आपदा की स्थिति में की जाने वाली त्वरित कार्रवाई का खाका तैयार किया गया।

बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने, बचाव अभियान संचालित करने, चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने, पेयजल व्यवस्था बनाए रखने और पशुओं के लिए आवश्यक इंतजाम करने जैसे विषयों पर भी तैयारियों की समीक्षा की गई।

पुलिस, फायर ब्रिगेड, रेलवे और एयरपोर्ट भी समन्वय में शामिल
राज्य स्तरीय बैठक में नगर सेना, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय, रायपुर रेल मंडल, स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, दूरसंचार, विज्ञान केंद्र और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा पंचायत, ऊर्जा, परिवहन और खाद्य विभाग के अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

प्रदेश के सभी जिलों के नोडल अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से कॉन्फ्रेंस से जुड़े रहे। इससे जिलों में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए उपलब्ध संसाधनों, त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था और विभागीय समन्वय की स्थिति पर भी चर्चा की गई।

मॉक ड्रिल से परखी जाएगी वास्तविक तैयारी
18 अगस्त की टेबल-टॉप एक्सरसाइज में अधिकारियों को संभावित बाढ़ की विभिन्न परिस्थितियां देकर उनके अनुसार निर्णय लेने और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया का अभ्यास कराया जाएगा। वहीं 20 अगस्त की मॉक ड्रिल में राहत और बचाव व्यवस्था को जमीनी स्तर पर परखा जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य इन अभ्यासों के माध्यम से आपदा के दौरान प्रतिक्रिया समय कम करना, विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और प्रभावित लोगों तक राहत एवं बचाव सेवाएं तेजी से पहुंचाना है।

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