छत्तीसगढ़

रतनपुर बनेगा आधुनिक निर्माण का मॉडल: छत्तीसगढ़ के पहले ‘डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट’ को मिली केंद्र की मंजूरी

केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू की पहल पर पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत मिली स्वीकृति; उन्नत तकनीक से संवरेगा ऐतिहासिक नगर

बिलासपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और धार्मिक नगर रतनपुर को एक अभूतपूर्व सौगात प्राप्त हुई है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तथा बिलासपुर सांसद श्री तोखन साहू के निरंतर प्रयासों से रतनपुर में प्रदेश के पहले आधुनिक तकनीक आधारित डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट (DHP) को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। नई दिल्ली में आयोजित सेंट्रल सैंक्शनिंग एंड मॉनिटरिंग कमेटी (CSMC) की बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए ₹13.12 करोड़ की केंद्रीय सहायता राशि स्वीकृत की गई है। यह परियोजना न केवल रतनपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए आधुनिक और उन्नत निर्माण तकनीकों का एक जीवंत उदाहरण पेश करेगी।

यह परियोजना ‘टेक्नोलॉजी एंड इनोवेटिव सब-मिशन’ (TISM) के तहत विकसित की जा रही है, जो पूरी तरह से G+2 मॉडल पर आधारित होगी। इस आवासीय परिसर में प्रत्येक इकाई का कार्पेट एरिया 28.57 वर्गमीटर और प्लिंथ एरिया 42.79 वर्गमीटर निर्धारित किया गया है। बिल्डिंग मटेरियल्स एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन काउंसिल (BMTPC) द्वारा तैयार इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसे सामाजिक कल्याण गतिविधियों के लिए रेंटल मॉडल पर संचालित किया जाएगा। भवन के भीतर डाइनिंग रूम, किचन, कार्यालय कक्ष, मेडिकल रूम, केयरटेकर कक्ष और लॉन्ड्री जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही, सामाजिक मेल-मिलाप को बढ़ावा देने के लिए परिसर में एक विशाल सामुदायिक भवन का भी निर्माण किया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश के हर गरीब और जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक छत देने का संकल्प अब धरातल पर उतर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि रतनपुर का यह प्रोजेक्ट भविष्य में किफायती और गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण के लिए एक ‘बेंचमार्क’ साबित होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट के साथ-साथ रतनपुर के शक्तिपीठ क्षेत्र का विकास और दो ऐतिहासिक तालाबों को ‘अमृत सरोवर’ के रूप में पुनर्जीवित करने की योजना भी पाइपलाइन में है, जिससे इस प्राचीन नगरी का समग्र कायाकल्प सुनिश्चित होगा।

Related Articles

Back to top button