छत्तीसगढ़

CG News : गणतंत्र दिवस पर बस्तर में शिक्षा की अलख, हर गांव में लगेगा उल्लास मेला

जगदलपुर : बस्तर जिले में इस वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का पर्व केवल ध्वजारोहण तक सीमित नहीं रहेगा। जिला प्रशासन ने इसे शिक्षा और साक्षरता के नए उत्सव के रूप में मनाने की अनूठी पहल की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विजन को धरातल पर उतारने के लिए जिले के प्रत्येक गांव में ‘उल्लास मेला’ आयोजित किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम को जन-जन तक पहुँचाना है।

जिला प्रशासन के अनुसार, इस अभियान का केंद्र वयस्क नागरिक हैं, जिनकी आयु 15 वर्ष से अधिक है और जिन्होंने किसी कारणवश स्कूली शिक्षा पूरी नहीं की है। प्रशासन का लक्ष्य केवल बुनियादी साक्षरता और अंकगणित तक सीमित नहीं है, बल्कि वयस्कों को महत्वपूर्ण जीवन कौशल सिखाकर उन्हें समाज में आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। इसके तहत पाठ्यक्रम में व्यावहारिक जीवन कौशल, डिजिटल साक्षरता और वित्तीय शिक्षा भी शामिल की जाएगी, ताकि वे अपने दैनिक जीवन में निर्णय लेने और रोजगार संबंधी अवसरों का लाभ लेने में सक्षम हो सकें।

जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं कलेक्टर ने इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल शिक्षा विभाग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें पूरे प्रशासनिक अमले की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक गांव में कार्यरत ग्राम पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और कोटवारों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन कर्मचारियों का कार्य होगा कि वे शिक्षा विभाग के साथ समन्वय बनाकर गांवों में सर्वे करें और उल्लास मेले का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।

जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि किसी भी पात्र व्यक्ति को इस लाभ से वंचित न रखा जाए। उल्लास मेले में शिक्षा की महत्वपूर्ण जानकारी के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता, डिजिटल साक्षरता, स्वरोजगार के अवसर और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी। मेले में खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से साक्षरता और जीवन कौशल के महत्व को सरल और रोचक तरीके से लोगों तक पहुँचाया जाएगा।

इस पहल के तहत प्रत्येक गांव में सुबह से शाम तक विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। प्रारंभ में बच्चों और वयस्कों के लिए शिक्षण सत्र रखे जाएंगे, जिसमें स्थानीय शिक्षक और प्रशिक्षक लोगों को पढ़ाई, लेखन और गणित के मूलभूत ज्ञान से परिचित कराएँगे। इसके बाद डिजिटल शिक्षा और वित्तीय साक्षरता पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाटक और खेलकूद के माध्यम से लोगों में शिक्षा के प्रति जागरूकता और उत्साह बढ़ाया जाएगा।

कलेक्टर ने सभी सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे इस अवसर पर सक्रिय भूमिका निभाएँ। उनका कहना है कि गणतंत्र दिवस केवल तिरंगा फहराने का पर्व नहीं, बल्कि यह समाज में ज्ञान और साक्षरता का संचार करने का अवसर भी है। इस अभियान से बस्तर जिले में साक्षरता दर में सुधार के साथ-साथ वयस्क नागरिकों की आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता भी बढ़ेगी।

इस तरह, 26 जनवरी 2026 को बस्तर जिले में गणतंत्र दिवस का पर्व शिक्षा और साक्षरता के उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। उल्लास मेले के माध्यम से हर गांव में जागरूकता और उत्साह का माहौल बनेगा, जिससे जिले की जनता न केवल साक्षर बनेगी, बल्कि अपने जीवन को नए अवसरों और संभावनाओं के साथ संवारने में सक्षम होगी।

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