छत्तीसगढ़

कृषक उन्नति योजना : किसानों को आधुनिकता, तकनीक और बेहतर आय से जोड़ना इस योजना का मूल उद्देश्य

कृषक उन्नति योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र को तकनीकी सहायता, आर्थिक प्रोत्साहन और समर्थन मूल्य-माध्यम से सुदृढ़ करना है। योजना से न सिर्फ धान एवं अनाज की बेहतर खरीद सुनिश्चित हो रही है, बल्कि खरीफ/रबी दोनों फसलों पर इनपुट-सहायता और विविधीकरण को प्रोत्साहन मिल रहा है। किसानों को आधुनिकता, तकनीक और बेहतर आय से जोड़ना इस योजना का मूल उद्देश्य है। छोटे और मध्यम किसानों को खेती में निवेश बढ़ाने, सिंचाई सुधारने, बीज-खाद की उपलब्धता, फसल-सुरक्षा उपाय और नवाचार अपनाने में सहायता मिलती है। विष्णुदेव साय सरकार का ध्यान किसान को “उत्पादनकर्ता” से “उद्यमी” बनाने पर है, ताकि कृषि लाभदायक हो सके। यह योजना कृषि जोखिम कम करती है, लागत घटाती है और उत्पादन बढ़ाने में मदद करती है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी प्रवाह बढ़ता है और किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति स्थिर होती है। जनहित का पहलू यह है कि योजना व्यापक है और इसके तहत कृषि सुधार, विज्ञान, तकनीक और प्रशिक्षण, सब एक जगह उपलब्ध होते हैं।

पात्रता (मुख्य):
समेकित किसान-पोर्टल पर पंजीकृत किसान।
जिला-सहकारी केंद्रीय बैंक/राज्य के मानदण्ड अनुसार योग्य रकबा/उत्पादन वाले किसान।
योजना की कुछ उप-श्रेणियाँ विशेष तौर पर दलहन/तिलहन/मक्का/छोटे अनाज के लिए भी खुली हैं – उनके लिए अपनी-अपनी शर्तें लागू।

आवश्यक दस्तावेज़:
किसान-पोर्टल पंजीकरण प्रमाण, आधार, बैंक खाता (जीरो-बैलेन्स/सheben), जमीन/पट्टा-प्रमाण जहाँ लागू।

खरीदी हेतु खरीद केंद्र/मिल के कागजात (यदि न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर्गत)।

आवेदन-प्रक्रिया / लाभ:
एकीकृत किसान पोर्टल/राज्य-कृत खरीद व्यवस्था के माध्यम से पंजीकरण और लाभ। सरकार ने खरीफ अवधि में किसानों को बोनस/इनपुट-सहायता भी जारी की है; 12 मार्च (एक प्रेस-रिलीज) पर बड़ी किस्तों का ट्रांसफर हुआ था (कई लाख किसानों के खातों में करोड़ों रुपये)।
राज्य प्रेस के अनुसार 24.72 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹13,320 करोड़ (उल्लेखित किस्त) का अंतरण रिपोर्ट किया गया।

उपयोगी लिंक (ऑफिशियल): DPRCG / CMO पोर्टल पर योजनाओं के अपडेट्स: https://dprcg.gov.in/

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