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Budget Session 2026 की शुरुआत, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से संसद को मिली विकास की दिशा, पढिए छत्तीसगढ़ के लिए क्या कहा

नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र–2026 आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संयुक्त संसद को संबोधित करने के साथ प्रारंभ हुआ। अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों, नीतिगत प्राथमिकताओं और आगामी वर्ष के लिए विकास के रोडमैप को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ देश को आत्मनिर्भर, समावेशी और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ा रही है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में आर्थिक सुदृढ़ता, सामाजिक न्याय, सुशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और देश तेज़ी से विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना रहा है।

अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का केंद्र “अंत्योदय” है, जिसके माध्यम से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।

राष्ट्रपति ने महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल देते हुए कहा कि नारी शक्ति देश की प्रगति का आधार है। महिला आरक्षण कानून, स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन और आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं।

छत्तीसगढ़ के लिए उन्होंने कहा
मामनीय सदस्यगण मेरे सरकार की नीतियों के अनुरूप हमारे सुरक्षा बलों ने माओवादी एवं आतंकियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। वर्षों तक देश के 126 जिलों में असुरक्षा, भय और अविश्वास का वातावरण था। माओवादी विचारधारा ने कई पीढ़ियों के भविष्य को अंधकार में डाल दिया। इसका सबसे अधिक नुकसान युवाओं, आदिवासी और दलित समाज को हुआ।
आज माओवादी प्रभाव 126 जिलों से सिमटकर केवल 8 जिलों तक रह गया है, जिनमें से भी मात्र 3 जिले गंभीर रूप से प्रभावित हैं।
पिछले एक वर्ष में लगभग 2 हजार माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिससे लाखों नागरिकों के जीवन में शांति और विश्वास लौटा है।
माओवादी क्षेत्रों में हो रहे इन सकारात्मक परिवर्तनों को आज पूरा देश देख रहा है। बीजापुर के एक गाँव में 26 वर्षों बाद बस सेवा की शुरुआत हुई, जिसे ग्रामीणों ने उत्सव के रूप में मनाया।
बस्तर ओलम्पिक में युवा बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। हथियार छोड़ चुके पूर्व माओवादी आज बस्तर पंडुम कैफ़े में लोगों की सेवा कर रहें हैं।
माननीय सदस्यगण मेरे सरकार ये सुनिश्चित कर रही है जो लोग हथियार छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ें है उनका जीवन पटरी पर लौटे।
वह दिन अब दूर नहीं, जब देश से आतंकवाद और हिंसा का पूरी तरह अंत होगा।

कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। वहीं युवाओं के लिए कौशल विकास, रोजगार सृजन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में किए गए प्रयासों को भी उन्होंने रेखांकित किया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने आंतरिक सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति स्थापना के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद के खिलाफ सरकार की सख्त नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई राह खुल रही है।

अपने अभिभाषण के अंत में राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि बजट सत्र–2026 के दौरान संसद में सार्थक और सकारात्मक चर्चा होगी, जिससे देशहित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने सभी सांसदों से सहयोग और रचनात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

बजट सत्र के दौरान केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया जाएगा, जिस पर संसद के दोनों सदनों में व्यापक चर्चा होगी। यह सत्र देश की आर्थिक और नीतिगत दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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