जापान को समुद्र की गहराई में मिला ‘अदृश्य’ सोने का विशाल भंडार, रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद

टोक्यो: जापान के वैज्ञानिकों ने समुद्र की गहराई में छिपे ऐसे विशाल सोने के भंडार की पहचान की है, जिसे अब तक दुनिया के सबसे बड़े संभावित समुद्री स्वर्ण भंडारों में से एक माना जा रहा है। शोधकर्ताओं का दावा है कि यह खोज भविष्य में जापान को सोने के उत्पादन के क्षेत्र में बड़ी बढ़त दिला सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, जापान के दक्षिण-पूर्वी तट के समीप समुद्र के नीचे मौजूद ज्वालामुखीय हॉट स्पॉट ब्लैक स्मोकर चिमनियों और हाइड्रोथर्मल वेंट्स (सीमाउंट) के आसपास सोने के समृद्ध भंडार मिले हैं। इन क्षेत्रों में गर्म खनिजयुक्त द्रवों के कारण सोना और अन्य धातुएं लंबे समय से जमा होती रही हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह सोना सामान्य माइक्रोस्कोप से दिखाई नहीं देता, क्योंकि यह समुद्र तल पर मौजूद खनिजों और चट्टानों के भीतर बेहद सूक्ष्म कणों के रूप में छिपा हुआ है। इसी वजह से इसे “अदृश्य सोना” (Invisible Gold) कहा जा रहा है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि नई हाई-टेक विश्लेषण तकनीकों की मदद से इन सूक्ष्म सोने के कणों की पहचान संभव हुई है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इन समुद्री खनिज निक्षेपों में अब तक दर्ज किए गए कई भंडारों की तुलना में अधिक मात्रा में सोना मौजूद हो सकता है।
यदि आगे के सर्वेक्षण और खनन परियोजनाएं सफल रहती हैं, तो यह खोज जापान की खनिज संपदा, तकनीकी क्षमता और वैश्विक सोना उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी को नई दिशा दे सकती है। हालांकि, व्यावसायिक स्तर पर खनन शुरू करने से पहले पर्यावरणीय प्रभावों और आर्थिक व्यवहार्यता का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।


