छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र से पहले सर्वदलीय सहमति की कवायद, कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में तय हुई रणनीति

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी पावस सत्र को सुचारू और प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति (बिजनेस एडवाइजरी कमेटी) की बैठक आयोजित की गई। विधानसभा के समिति कक्ष में हुई इस बैठक में सत्र की कार्यवाही, विधायी कार्यों और सदन के संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित कार्यमंत्रणा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान पावस सत्र के दौरान होने वाले सरकारी और गैर-सरकारी कार्यों, विधेयकों की प्रस्तुति, प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण, शून्यकाल तथा अन्य संसदीय गतिविधियों के सुचारू संचालन को लेकर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से संचालित करने के लिए आवश्यक रणनीति पर भी चर्चा हुई।
कार्य मंत्रणा समिति विधानसभा की एक महत्वपूर्ण समिति है, जो सदन के एजेंडे, विभिन्न कार्यों के लिए समय निर्धारण तथा कार्य संचालन की रूपरेखा तय करने में अहम भूमिका निभाती है। इस समिति की सिफारिशों के आधार पर ही विधानसभा सत्र की कार्यसूची को अंतिम रूप दिया जाता है।

राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे इस पावस सत्र में सरकार कई अहम विधेयक और नीतिगत विषय सदन में ला सकती है। वहीं विपक्ष भी जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। ऐसे में कार्यमंत्रणा समिति की यह बैठक आगामी सत्र की दिशा तय करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
