छत्तीसगढ़

सोनाखान एकलव्य विद्यालय की अव्यवस्थाओं पर भड़के पालक, कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग

कसडोल: शहीद वीर नारायण सिंह की भूमि सोनाखान में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कथित अव्यवस्थाओं को लेकर विद्यार्थियों के पालकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पालकों ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रावास, स्वच्छता, पेयजल और विद्यार्थियों को मिलने वाली आवश्यक सुविधाओं को लेकर गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं।

इसी सिलसिले में पालकों के प्रतिनिधिमंडल ने 13 अगस्त को अपर कलेक्टर, बलौदाबाजार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पालकों ने जांच दल गठित कर विद्यालय की व्यवस्थाओं का भौतिक निरीक्षण कराने और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।

जेईई कक्षाएं नियमित नहीं होने का आरोप

पालकों का आरोप है कि विद्यालय में जेईई की कक्षाएं नियमित रूप से संचालित नहीं हो रही हैं। वहीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहे हैं। पालकों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर पड़ सकता है।

 

हॉस्टल, स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था पर सवाल

ज्ञापन में विद्यालय और छात्रावास की साफ-सफाई, पेयजल तथा शौचालयों की स्थिति को लेकर भी शिकायत की गई है। पालकों के अनुसार छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है और व्यवस्थाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

 

पालकों ने विद्यार्थियों को पूर्ण स्कूल ड्रेस, हाउस ड्रेस, स्पोर्ट्स किट, बेडिंग सामग्री, गद्दा, तकिया और चादर उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पर्याप्त बेडिंग व्यवस्था नहीं होने से कुछ विद्यार्थियों को एक ही बेड पर दो-दो सोने की स्थिति बन रही है।

सूचना सार्वजनिक नहीं करने की भी शिकायत

पालकों ने विद्यालय प्रबंधन पर आवश्यक जानकारियों को सार्वजनिक नहीं करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विद्यालय में निर्देश एवं सूचना पटल की समुचित व्यवस्था नहीं है। साथ ही वेबसाइट पर भी जरूरी सूचनाएं नियमित रूप से उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।

 

कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी नाराजगी

ज्ञापन में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों, भोजनालय कर्मचारियों और चपरासियों के कथित व्यवहार को लेकर भी शिकायत की गई है। पालकों का आरोप है कि कुछ कर्मचारियों का व्यवहार असंवेदनशील और अशिष्ट है, जिससे पालकों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

 

इसके अलावा स्काउट-गाइड, एनसीसी और रेडक्रॉस जैसी गतिविधियों के पर्याप्त संचालन नहीं होने की बात भी पालकों ने कही है। सामूहिक गतिविधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और शिक्षक-पालक बैठकों में गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की सहभागिता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

 

छात्रावास व्यवस्था की विशेष जांच की मांग

पालकों ने छात्रावास की व्यवस्थाओं की विशेष जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि छात्रावास में साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं शासन की निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप नहीं हैं। छात्रावास अधीक्षक की कार्यप्रणाली को लेकर भी पालकों ने सवाल उठाए हैं। पालकों का कहना है कि छात्रावास से जुड़ी पूर्व की घटनाओं की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

 

 

जांच दल गठित कर कार्रवाई की मांग

पालकों ने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य आदिवासी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर आवासीय सुविधाएं और सर्वांगीण विकास का अवसर उपलब्ध कराना है। ऐसे में मूलभूत सुविधाओं और शैक्षणिक व्यवस्था में कथित कमी गंभीर चिंता का विषय है।

 

पालकों ने जिला प्रशासन से जांच दल गठित कर विद्यालय की शैक्षणिक एवं छात्रावास व्यवस्था की जांच, शिकायतों का निराकरण और दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब पालकों की शिकायत के बाद जिला प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और सोनाखान एकलव्य विद्यालय की व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है, इस पर सभी की नजर है।

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