छत्तीसगढ़
कागजी खानापूर्ति नहीं, धरातल पर दिखे समाधान: मुख्य सचिव विकासशील ने दिए सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के भौतिक सत्यापन के कड़े निर्देश

रायपुर: मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकासशील ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का समाधान केवल फाइलों तक सीमित न रहकर नागरिकों को धरातल पर महसूस होना चाहिए। प्रदेश में अब तक दर्ज लगभग दो लाख शिकायतों की गुणवत्तापूर्ण समीक्षा और नियमित मॉनिटरिंग पर जोर देते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्याओं का वास्तविक स्वरूप समझने के लिए जरूरत पड़ने पर उनका भौतिक सत्यापन कराया जाए और जवाबदेही तय की जाए।

इस उच्चस्तरीय बैठक में आगामी खरीफ विपणन सत्र के लिए धान खरीदी नीति को अंतिम रूप देने, जल जीवन मिशन एवं अमृत 2.0 की शेष योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करने, डिजिटल क्रॉप सर्वे, प्लानिंग एरिया अनुमतियों और टीएसपी एक्ट के क्रियान्वयन की भी विस्तृत समीक्षा की गई। इसके साथ ही विभिन्न विभागों को कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होने वाली भर्तियों के प्रस्ताव समय पर भेजने, लोक सेवा गारंटी के दायरे में नई सेवाओं को जोड़ने तथा नवा रायपुर में आधुनिक तकनीकों से युक्त बॉटनिकल गार्डन विकसित करने और जंगल सफारी की सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, विधि विभाग के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, नगरीय प्रशासन के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, सुशासन विभाग के सचिव राहुल भगत, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, वित्त एवं जनसम्पर्क सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।


