CGPSC में सख्ती पर विवाद: परीक्षा केंद्रों में आस्तीन पर चली कैंची, कई अभ्यर्थी बिना परीक्षा दिए लौटे, परिजनों में आक्रोश

CGPSC परीक्षा में सख्ती पर विवाद: फुल आस्तीन कपड़े कटवाने पड़े, कई अभ्यर्थी परीक्षा दिए बिना लौटे, परिजनों में आक्रोश परीक्षा के दौरान सख्त ड्रेस कोड और सुरक्षा नियमों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कई अभ्यर्थियों को परीक्षा देने से पहले फुल आस्तीन के कपड़े कटवाने पड़े, जबकि कुछ अभ्यर्थी नियमों की जानकारी न होने या निर्धारित समय से कुछ मिनट देरी से पहुंचने के कारण परीक्षा दिए बिना ही लौट गए। इस पूरी व्यवस्था को लेकर अभ्यर्थियों और उनके परिजनों में भारी नाराज़गी देखी गई।
परीक्षा केंद्रों पर सख्त जांच
जानकारी के अनुसार, आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत अभ्यर्थियों को आधी आस्तीन के कपड़े, साधारण चप्पल/सैंडल, बिना किसी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और न्यूनतम सामान के साथ प्रवेश की अनुमति थी। कई अभ्यर्थी फुल आस्तीन शर्ट या कुर्ता पहनकर पहुंचे, जिन्हें केंद्र पर रोक दिया गया। कुछ स्थानों पर सुरक्षाकर्मियों ने कैंची से आस्तीन कटवाने के बाद ही प्रवेश दिया।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि ड्रेस कोड संबंधी निर्देश स्पष्ट रूप से सभी तक नहीं पहुंचे थे। कुछ का कहना था कि एडमिट कार्ड पर सामान्य निर्देश तो थे, लेकिन फुल आस्तीन को लेकर इतनी सख्ती की जानकारी नहीं थी।
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देरी से पहुंचे अभ्यर्थी भी हुए परेशान
कई केंद्रों पर गेट निर्धारित समय से पहले बंद कर दिए गए। कुछ अभ्यर्थी ट्रैफिक जाम या दूरस्थ क्षेत्रों से आने के कारण कुछ मिनट देरी से पहुंचे, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं मिला। ऐसे अभ्यर्थियों और उनके परिवारजनों ने इसे “अत्यधिक कठोरता” बताते हुए आयोग से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की।
परिजनों का फूटा गुस्सा
परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों के परिजनों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि एक ओर युवा लंबे समय से इस परीक्षा की तैयारी करते हैं, दूसरी ओर छोटी-छोटी तकनीकी बातों के कारण उन्हें परीक्षा से वंचित कर दिया गया। कुछ स्थानों पर हल्की नोकझोंक की भी स्थिति बनी।
एक अभ्यर्थी की माता ने कहा, “बच्चे महीनों से तैयारी कर रहे थे। अगर आस्तीन फुल है तो पहले से स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए थी। सेंटर में कपड़े कटवाना अपमानजनक है।”
नीट परीक्षा में भी हो चुका है बवाल
देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा National Eligibility cum Entrance Test (NEET) के दौरान ड्रेस कोड को लेकर कई राज्यों में विवाद सामने आ चुके हैं। वर्ष 2017 में केरल के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर छात्राओं को फुल आस्तीन के कपड़े और कुछ धार्मिक परिधानों के साथ प्रवेश से रोके जाने की घटनाएं सुर्खियों में रहीं। कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा हॉल में जाने से पहले अतिरिक्त कपड़े बदलने या आस्तीन काटने के लिए कहा गया, जिससे अभिभावकों में नाराज़गी देखी गई। वहीं अन्य राज्यों के कुछ केंद्रों पर भी जूते, हेयरपिन, धातु के क्लिप और अंत:वस्त्रों में लगी हुक तक हटवाने के मामले सामने आए थे।
सवालों के घेरे में व्यवस्था
घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सुरक्षा और पारदर्शिता के नाम पर अत्यधिक सख्ती उचित है, या फिर अभ्यर्थियों को पहले से अधिक स्पष्ट और व्यापक सूचना देने की आवश्यकता है। फिलहाल आयोग की ओर से किसी अतिरिक्त स्पष्टीकरण या जांच की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
प्रदेशभर में आयोजित इस परीक्षा को लेकर उठे विवाद ने युवाओं और अभिभावकों के बीच असंतोष का माहौल बना दिया है। अब सभी की निगाहें आयोग की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।
