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क्या आप जानतें है: आज है विश्व सर्प दिवस, पढ़िए सांपों से जुड़ी अनसुनी अनपढ़ी बातें

टेक्सास में सन् 1967 में सांपों को लेकर एक फर्म शुरू हुई। इस फर्म ने लोगों को सांपों के बारे में जागरूक करना शुरू किया। यह 1970 तक काफी मशहूर हो गया। इस फर्म ने 16 जुलाई को विशेष आयोजन किए जिसके बाद कई एनजीओ ने इस दिन सांपों के बारे में जागरूकता फैलाना शुरू कर दिया और धीरे से यह दिन आम लोगो के बीच सर्प दिवस के नाम से प्रचलित हो गया।
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इस दिन का उद्देश्य दुनिया में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के सांपों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और जीवमंडल में उनकी अपरिहार्य भूमिका पर प्रकाश डालना है। सांप नाम सुनते ही लोग डर जाते और सांप देखने पर उसे मारने का इरादा बना लेते। उन्हें शायद पता नहीं कि दुनिया भर में सांपों की 3500 से ज्यादा प्रजातियां पाए जाते हैं। इनमें से केवल 20 प्रतिशत सांप ही जहरीले होते हैं। कमाल की बात यह है कि जितने सांप लोग डरकर मार देते हैं, उनमें से 10 प्रतिशत सांप जहरीले ही नहीं होते।
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सांप अब तक के सबसे पुराने जीवों में से एक हैं और दुनिया भर में विभिन्न सभ्यताओं में मौजूद हैं। उत्तरी कनाडा के अर्ध-जमे हुए टुंड्रा से लेकर अमेज़ॅन के हरे-भरे जंगलों तक, सांपों की लगभग 3,458 प्रजातियां हैं। वे दुनिया के अधिकांश महासागरों में भी पाए जाते हैं। भारत में करीब 300 प्रजाति के सांप पाए जाते हैं इनमें से करीब 50 प्रजाति ही विषैली होती है। ब्राजील के स्नेक आइलैंड में सांपो आबादी सबसे घनी है।
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सर्प तेज शिकारी होते हैं और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सांप अपनी विविधता और दिखने के कारण भी आकर्षक होते हैं। इनका एक प्रागैतिहासिक वंश है। बहुत से लोगों को पता नहीं है कि आधुनिक सरीसृप डायनासोर के वंश से हैं।अच्छी बात यह है कि सांपों का व्यापक रूप से शिकार नहीं किया जाता है। लेकिन वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन के कारण उनकी संख्या अभी भी घट रही है। जो बदले में, उनके आवासों के बिगड़ने और शिकार की कम मात्रा उपलब्ध कराने का कारण बना है।
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सांपों के बारे में कुछ रोचक बातेंः-
• दुनिया का सबसे लंबा सांप किंग कोबरा भी दुनिया का एकमात्र सांप है जो अपने अंडे देने के लिए घोंसला बनाता है।
• सांप अपने शिकार चबाते नहीं बल्कि निगलते हैं।
•सांप की उम्र 4-25 वर्ष के बीच होती है।
• उड़ने वाले सांप मौजूद हैं।अपनी पसलियों की मदद से अपने शरीर के नीचे हवा फँसाकर पेड़ों से नीचे सरक सकते हैं।
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• सांपों में बाहरी कानों की कमी होती है। सांपों के निचले जबड़े की हड्डियां पानी या जमीन की सतह से ध्वनि तरंगों को लेने में सक्षम होती हैं।
• सांप का जहर वास्तव में संशोधित लार है।
• सांप के जहर में इलाज की क्षमता होती है।
• ये अंगहीन जीव अपने पेट के तराजू की मदद से पेड़ों पर आसानी से चढ़ सकते हैं।
• सांपों की कुछ प्रजातियां जैसे रसेल वाइपर, अंडे देने के बजाय विकसित बच्चों को जन्म देती हैं।
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• विकास ने कुछ साँप प्रजातियों को इन्फ्रारेड दृष्टि का उपहार दिया है, जिसे गर्मी दृष्टि भी कहा जाता है जो गर्म खून वाले शिकार को ट्रैक करने में मदद करता है।
• सांपों की दृष्टि कमजोर होती है और सुनने की क्षमता सीमित होती है, लेकिन उनके पास गंध की त्रुटिहीन भावना होती है। सांप अपनी जीभ से सूंघते हैं। इसलिए सांप अपनी जीभ बाहर निकालते रहते हैं।
• कुछ सांपों के दो मुंह भी पाए जाते हैं। ऐसे सांप के दो दिमाग भी होते हैं जो अपने हिसाब से साझा शरीर को कंट्रोल करते हैं।
• ग्रास स्नेक और स्पिटिंग कोबरा की एक प्रजाति ऐसी होती है जो खतरा महसूस होने पर मरने का नाटक कर लेते हैं। उनका शरीर अकड़ जाता है, जबान बाहर निकल आती है और पीछे से कुछ तरल पदार्थ छोड़ देते हैं।

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