सुशासन और सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण से सशक्त हो रही ग्राम पंचायतें: केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह
छत्तीसगढ़ में संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत अब तक 6.16 लाख से अधिक निर्वाचित प्रतिनिधि एवं पंचायत पदाधिकारी प्रशिक्षित, 1,111 ग्राम पंचायतों को मिले कंप्यूटर

नई दिल्ली: देशभर में ग्राम पंचायतों को सुशासन, डिजिटल प्रशासन और सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के माध्यम से अधिक सक्षम बनाने की दिशा में केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2022-23 से संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में पंचायती राज संस्थाओं की संस्थागत एवं प्रशासनिक क्षमता को सुदृढ़ किया जा रहा है। अभियान के तहत निर्वाचित प्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों तथा अन्य हितधारकों को प्रशिक्षण प्रदान कर ग्राम पंचायतों को प्रभावी, जवाबदेह एवं आत्मनिर्भर स्थानीय स्वशासन इकाई के रूप में विकसित किया जा रहा है।
केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने बुधवार को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण, पंचायत अवसंरचना सुदृढ़ीकरण तथा डिजिटल शासन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। योजना के तहत आधारभूत एवं पुनश्चर्या प्रशिक्षण, विषय-आधारित प्रशिक्षण, विशेष प्रशिक्षण, ग्राम पंचायत विकास योजना तथा राज्यों की आवश्यकता के अनुरूप अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पंचायत भवनों, कंप्यूटर सुविधाओं, पंचायत शिक्षण केंद्रों तथा पंचायत कार्यालय परिसरों में सीमित स्तर पर सामान्य सेवा केंद्रों के सह-स्थापन का भी प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए पंचायत राज अधिनियम, ग्राम पंचायत विकास योजना, पंचायत डिजिटल प्लेटफॉर्म, स्वयं के राजस्व स्रोत तथा सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण जैसे विषयों पर नियमित प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण प्रबंधन पोर्टल के अनुसार वर्ष 2022-23 में 1,21,099, वर्ष 2023-24 में 1,63,292, वर्ष 2024-25 में 90,559, वर्ष 2025-26 में 1,82,705 तथा 10 जुलाई 2026 तक वर्ष 2026-27 में 58,987 निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं पंचायत पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
डिजिटल शासन को बढ़ावा देने के लिए राज्य की 1,111 ग्राम पंचायतों को कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं। वर्ष 2022-23 से 130 ग्राम पंचायतों में सामान्य सेवा केंद्रों के सह-स्थापन के लिए अतिरिक्त भवन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 1,197 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया है।
केंद्र सरकार ने सतत विकास लक्ष्यों को ग्राम पंचायत स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए नौ विषयगत क्षेत्रों का निर्धारण किया है। इनमें गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका वाली पंचायत, स्वस्थ पंचायत, बाल-अनुकूल पंचायत, जल-पर्याप्त पंचायत, स्वच्छ एवं हरित पंचायत, आत्मनिर्भर अवसंरचना वाली पंचायत, सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण एवं सुरक्षित पंचायत, सुशासन वाली पंचायत तथा महिला-अनुकूल पंचायत शामिल हैं। इन विषयों के माध्यम से विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सहयोग से ग्राम पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं का स्थानीयकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में विषयगत ग्राम पंचायत विकास योजनाओं के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण को गति दी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से अब तक स्वस्थ पंचायत विषय के अंतर्गत 2,168, स्वच्छ एवं हरित पंचायत विषय के अंतर्गत 2,475 तथा महिला-अनुकूल पंचायत विषय के अंतर्गत 1,350 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
मंत्री ने बताया कि ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन का समग्र मूल्यांकन करने के लिए पंचायत विकास सूचकांक विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों के नौ विषयों पर पंचायतों के कार्यों का आकलन किया जाता है। छत्तीसगढ़ में संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में क्षमता निर्माण, ग्राम पंचायत विकास योजना का प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल शासन का विस्तार, पंचायत विकास सूचकांक का उपयोग तथा स्वयं के राजस्व स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए समर्थ पंचायत पोर्टल का संचालन शामिल है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 तथा 10 जुलाई 2026 तक वर्ष 2026-27 के दौरान स्वयं के राजस्व स्रोत मॉड्यूल के तहत 590, महिला निर्वाचित प्रतिनिधि मॉड्यूल के तहत 2,240 तथा पंचायत विकास सूचकांक मॉड्यूल के तहत 409 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वहीं ग्राम पंचायत विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में 11,659 ग्राम पंचायतों में से 11,652, वर्ष 2023-24 में 11,656 में से 11,630, वर्ष 2024-25 में 11,713 में से 11,576 तथा वर्ष 2025-26 में 11,693 में से 11,651 ग्राम पंचायत विकास योजनाएं पोर्टल पर अपलोड की गईं।