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गणतंत्र दिवस के लिए छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन, कर्तव्य पथ पर दिखेगा जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश का पहला डिजिटल संग्रहालय

कर्तव्य पथ पर दिखेगा जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश का पहला डिजिटल संग्रहालय

रायपुर: आगामी गणतंत्र दिवस समारोह में नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी के माध्यम से जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की भव्य झलक देखने को मिलेगी। रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति ने गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह के लिए छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन किया है।

यह डिजिटल संग्रहालय छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर में लोकार्पित किया गया था। झांकी के चयन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की झांकी के माध्यम से आदिवासी समाज की देशभक्ति, अद्भुत वीरता और अपने सिद्धांतों के लिए बलिदान की परंपरा को पूरा देश देखेगा। यह राज्य के लिए गर्व और उत्साह का विषय है।

जनसंपर्क विभाग के सचिव रोहित यादव ने बताया कि सभी राज्यों से प्राप्त प्रस्तावों में से चार माह चली चयन प्रक्रिया के बाद 17 राज्यों की झांकियों को अंतिम रूप से चुना गया, जिसमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है। विशेषज्ञ समिति ने झांकी की विषयवस्तु और डिजाइन की सराहना करते हुए इसे अंतिम स्वीकृति प्रदान की।

जनसंपर्क आयुक्त डॉक्टर रवि मित्तल के अनुसार, छत्तीसगढ़ की झांकी भारत सरकार की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ पर आधारित है। इसमें आदिवासी समाज के उन वीर नायकों के बलिदान को दर्शाया गया है, जिनके सम्मान में देश का पहला डिजिटल संग्रहालय स्थापित किया गया है। यह संग्रहालय जनजातीय विद्रोहों की वीरता, एकजुटता और स्वतंत्रता के प्रति समर्पण को नई पीढ़ी तक रोचक और प्रेरणादायक तरीके से पहुंचाता है।

जनसंपर्क अधिकारियों ने बताया कि झांकी की थीम और डिजाइन को विस्तृत प्रक्रिया के तहत तैयार किया गया। रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति के समक्ष थीम, डिजाइन और थ्री-डी मॉडल प्रस्तुत करने के बाद, संगीत चयन के साथ झांकी को अंतिम मंजूरी दी गई।

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