राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रायपुर में पूज्य माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती पर ₹200 का स्मारक सिक्का जारी किया

रायपुर: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित लोक भवन में पूज्य माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती के अवसर पर उनके सम्मान में ₹200 का स्मारक सिक्का जारी किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी, इंदौर के सांसद श्री शंकर लालवानी, रायपुर के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल तथा शदाणी दरबार के नौवें पीठाधीश संत श्री डॉ. युधिष्ठिरलाल सादाणी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
पूज्य माता साहिब हासी देवी शदाणी दरबार की पांचवीं पीठाधीश थीं। वे अपनी सेवा भावना, करुणा और मानवता के प्रति समर्पण के लिए स्मरण की जाती हैं। ब्रिटिश शासन के दौरान उन्होंने लोगों की सहायता और रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन समाज को निःस्वार्थ सेवा और मानवता का संदेश देता है।
उनके जीवन का मूल संदेश है कि “सेवा ही सच्ची साधना है और मानवता ही ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग है।” उनके आदर्श आज भी समाज को सेवा, सद्भाव और मानवीय मूल्यों के प्रति प्रेरित करते हैं।
पूज्य माता साहिब हासी देवी के सम्मान में स्मारक सिक्का जारी किया जाना उनके आध्यात्मिक एवं सामाजिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका, उनके सशक्तीकरण तथा निःस्वार्थ सेवा की परंपरा को भी रेखांकित करती है।

₹200 के स्मारक सिक्के की प्रमुख विशेषताएँ
इस स्मारक सिक्के का मूल्य ₹200 है। इसका बाहरी व्यास 44 मिलीमीटर तथा मानक वजन 35 ग्राम है। यह सिक्का चार धातुओं की मिश्रधातु से निर्मित है, जिसमें 50 प्रतिशत चाँदी, 40 प्रतिशत ताँबा, 5 प्रतिशत निकेल और 5 प्रतिशत जस्ता शामिल हैं।
सिक्के के एक तरफ अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष, ‘भारत’ और ‘INDIA’ शब्द, रुपये का प्रतीक तथा अंकित मूल्य दर्शाया गया है। दूसरी तरफ पूज्य माता साहिब हासी देवी की छवि अंकित है, जो उनकी 200वीं जयंती और शदाणी दरबार की आध्यात्मिक विरासत को सम्मानित करती है।

यह स्मारक सिक्का पूज्य माता साहिब हासी देवी के जीवन, आदर्शों और निःस्वार्थ सेवा की विरासत को समर्पित है। साथ ही, यह करुणा, मानवता और महिला सशक्तीकरण जैसे मूल्यों के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त करता है।

