रायपुर में गूंजा शिवाजी का शौर्य: ‘महानाट्य ‘जाणता राजा’ के माध्यम से जीवंत हुई शिवाजी महाराज की गौरवगाथा: मुख्यमंत्री साय

रायपुर: राजधानी रायपुर में ऐतिहासिक महानाट्य जाणता राजा के भव्य मंचन ने छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरवगाथा को जीवंत कर दिया। साइंस कॉलेज मैदान में शुरू हुआ यह विशेष आयोजन 22 फरवरी तक प्रतिदिन शाम को दर्शकों के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। लगभग तीन घंटे की यह भव्य प्रस्तुति छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, संघर्ष और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की प्रेरक कथा पर आधारित है।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिवाजी महाराज का जीवन साहस, धैर्य, रणनीति और आदर्श नेतृत्व का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिवाजी महाराज के आदर्शों को आत्मसात करें और अपने जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित करें। मुख्यमंत्री ने अफजल खां और शाइस्ता खान के विरुद्ध शिवाजी की रणनीतिक सूझबूझ का उल्लेख करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और विवेक से विजय प्राप्त की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि उच्च आदर्शों वाले शासक भी थे, जिन्होंने सभी धर्मों का सम्मान किया और महिलाओं की गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। माता जीजाबाई के संस्कारों का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी का चरित्र मर्यादा, नैतिकता और राष्ट्रनिष्ठा का संदेश देता है।
भव्य मंच सज्जा, सजीव युद्ध दृश्य, घोड़ों और ऊंटों के साथ सैनिकों की टुकड़ी तथा अत्याधुनिक प्रकाश एवं ध्वनि तकनीक ने दर्शकों को ऐतिहासिक कालखंड का सजीव अनुभव कराया। पारंपरिक कोली गीत सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के तत्वावधान में किया जा रहा है। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित ऑडिशन के माध्यम से लगभग 40 स्थानीय कलाकारों का चयन किया गया, जिन्होंने निर्देशक योगेश शिरोले के मार्गदर्शन में प्रस्तुति को साकार किया।
‘जाणता राजा’ का यह मंचन न केवल ऐतिहासिक चेतना को जागृत कर रहा है, बल्कि नई पीढ़ी को राष्ट्रगौरव और कर्तव्यबोध का संदेश भी दे रहा है। राजधानी रायपुर में उमड़ रही दर्शकों की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि शिवाजी महाराज की प्रेरक गाथा आज भी जनमानस में उतनी ही प्रासंगिक और प्रेरणादायी है।