4399 दिन… एक नया रिकॉर्ड: मोदी बने देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई, कहा- जनविश्वास और लोकतंत्र की शक्ति का प्रतीक

नई दिल्ली: भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में बुधवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस अवसर पर एक विशेष प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
प्रस्ताव में कहा गया कि 10 जून 2026 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 4,399 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देकर देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। पंडित नेहरू ने वर्ष 1952 से 1964 तक लगातार 4,398 दिनों तक प्रधानमंत्री पद संभाला था।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस उपलब्धि को “जनविश्वास, जनभागीदारी और राष्ट्र सर्वोपरि की भावना” का प्रतीक बताया। प्रस्ताव में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान ऐसे समय मिला है जब उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने अपने 12 वर्ष पूर्ण किए हैं और देश ने लगातार तीसरी बार एनडीए को सत्ता सौंपी है।
मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व को संवेदनशीलता, दृढ़ संकल्प, संयम और निर्णायकता से परिपूर्ण बताते हुए कहा कि छह दशकों बाद किसी सरकार को लगातार तीसरी बार जनादेश मिलना देश की जनता के अटूट विश्वास को दर्शाता है।
प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी के “प्रधान सेवक” के रूप में कार्य करने की भावना का उल्लेख करते हुए कहा गया कि वर्ष 2014 में उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ का जो मंत्र दिया था, वह आज शासन की मूल सोच बन चुका है। दस्तावेज़ में गरीब कल्याण योजनाओं का विशेष उल्लेख करते हुए कहा गया कि करोड़ों लोगों को पक्के मकान, बिजली, स्वच्छ जल, गैस कनेक्शन और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण जैसी सुविधाएं मिली हैं।
मंत्रिमंडल ने कहा कि 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन और 60 करोड़ से अधिक गरीबों को मुफ्त स्वास्थ्य उपचार उपलब्ध कराया गया है। इन प्रयासों के कारण 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर निकलने में सफल हुए हैं।
युवाओं के सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए प्रस्ताव में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बना है। वहीं चंद्रयान मिशन और विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में उपलब्धियों ने भारत को वैश्विक वैज्ञानिक शक्ति के रूप में स्थापित किया है।
महिला सशक्तिकरण को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए प्रस्ताव में उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी अभियान और संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने जैसे कदमों की सराहना की गई। किसानों के हित में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड और कृषि निर्यात में वृद्धि को भी ऐतिहासिक बताया गया।
प्रस्ताव में अनुच्छेद 370 हटाने, जीएसटी लागू करने, वन रैंक वन पेंशन (OROP), नागरिकता संशोधन कानून (CAA), भारतीय न्याय संहिता और श्रम संहिताओं के एकीकरण जैसे बड़े फैसलों को “राष्ट्र प्रथम” नीति का उदाहरण बताया गया।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई का उल्लेख करते हुए मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना की। साथ ही नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान, पूर्वोत्तर में शांति समझौते और सीमाई विवादों के समाधान को भी उल्लेखनीय उपलब्धि बताया गया।
‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियानों के माध्यम से भारत की विनिर्माण क्षमता में वृद्धि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में हुए प्रयासों को भी प्रस्ताव में रेखांकित किया गया।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ाने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका की प्रशंसा करते हुए जी-20 की सफल अध्यक्षता, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और मिशन लाइफ जैसी पहलों को वैश्विक नेतृत्व का उदाहरण बताया।
प्रस्ताव में कहा गया कि पिछले 12 वर्षों की राजनीतिक स्थिरता, दूरदर्शी नीतियों और गतिशील शासन ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना दिया है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पारित प्रस्तावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी, गरीबों और वंचितों के कल्याण के लिए उनके कार्यों की सराहना की तथा ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने में पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।
मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

