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भारत-EU फ्री ट्रेड डील : 2 अरब लोगों के बाजार और 25% वैश्विक GDP को जोड़ने वाली ऐतिहासिक ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स’

भारत और यूरोपीय संघ ने किया ऐतिहासिक फ्री ट्रेड समझौता

नई दिल्ली : भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने लंबे समय से पेंडिंग फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर आज आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए। इस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स’ कहा जा रहा है, क्योंकि यह लगभग 2 अरब उपभोक्ताओं और वैश्विक GDP के 25 प्रतिशत को कवर करता है।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को डील की पुष्टि की, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इसका औपचारिक ऐलान किया। यह डील भारत की वैश्विक आर्थिक रणनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है।

डील के पीछे लंबी बातचीत और रणनीति

भारत और EU के बीच FTA वार्ता 2013 में शुरू हुई थी, लेकिन कई मतभेदों के कारण यह लंबा रुका रहा। जून 2022 में बातचीत फिर से शुरू हुई और लगभग 9 साल बाद यह समझौता अंतिम रूप में आया।

इस डील के तहत भारत को 27 यूरोपीय देशों के बाजारों में सीधे और आसान प्रवेश की सुविधा मिलेगी, जिससे भारत की वैश्विक सप्लाई चेन में भूमिका और मजबूत होगी।


EU भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर

वित्त वर्ष 2023-24 में EU भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा। इस दौरान दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 135 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
नई फ्री ट्रेड डील लागू होने के बाद इस व्यापार में और तेजी आने की संभावना है।


97% से अधिक भारतीय उत्पादों को ड्यूटी-फ्री पहुँच

  • डील लागू होने के बाद लगभग 97 प्रतिशत भारतीय उत्पाद यूरोपीय बाजार में ड्यूटी-फ्री या कम शुल्क पर प्रवेश पाएंगे।

  • इससे टेक्सटाइल, लेदर, ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और केमिकल्स जैसे श्रम-प्रधान सेक्टरों को सबसे ज्यादा लाभ होगा।

  • बांग्लादेश जैसे देशों को मिलने वाला विशेष ड्यूटी-फ्री लाभ समाप्त होने से भारत की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होगी।

अमेरिका की टैरिफ नीति के बीच रणनीतिक संतुलन

यह डील ऐसे समय पर सामने आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों ने वैश्विक व्यापार में अस्थिरता बढ़ा दी है।

  • अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया है।

  • रूसी तेल खरीद पर भी अतिरिक्त 25 प्रतिशत पेनल्टी लागू है।

  • यूरोपीय संघ भी अमेरिका के स्टील और एल्युमिनियम टैरिफ से प्रभावित हुआ।

इस समझौते को ट्रंप की टैरिफ नीति के खिलाफ रणनीतिक संतुलन के रूप में देखा जा रहा है।


प्रधानमंत्री मोदी बोले – सिर्फ व्यापार नहीं, साझेदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने इस डील को साझा मूल्यों की जीत बताया। उनके अनुसार:

  • यह डील दुनिया की दो बड़ी लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी का आदर्श उदाहरण है।

  • यह वैश्विक GDP के 25 प्रतिशत और लगभग एक-तिहाई वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करती है।

  • लोकतंत्र, कानून के शासन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी यह मजबूती देती है।


2 अरब लोगों का फ्री ट्रेड ज़ोन

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा:

“आज इतिहास बन गया है। भारत और EU ने मिलकर करीब 2 अरब लोगों का फ्री ट्रेड ज़ोन तैयार किया है। यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले सालों में भारत-यूरोप रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगा।”


इस डील से भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, निर्यात में बढ़ोतरी होगी, और वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ेगी।

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