छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में पहली बार स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का शुभारंभ, खिलाड़ियों के भविष्य की रणनीति पर होगा मंथन

रायपुर: छत्तीसगढ़ में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत राज्य का पहला स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव सोमवार को रायपुर स्थित होटल कोर्टयार्ड-बाय-मेरियट में शुरू हुआ। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया।

राज्य में पहली बार आयोजित इस कॉन्क्लेव में खेल प्रशासक, खेल विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तथा विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी एक मंच पर जुटे हैं। दिनभर चलने वाले इस मंथन में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं, खेल अधोसंरचना के विस्तार और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

कॉन्क्लेव में खेल प्रोत्साहन एवं प्रतिभा पहचान, विजन-2036 : भारत के अगले ओलंपिक चैंपियनों की तैयारी, खेलों के विकास के संभावित मार्ग, खेलों के विकास में खेल महासंघों एवं संघों की भूमिका, चोट से उत्कृष्टता तक : खेल विज्ञान की भूमिका, खेल अधोसंरचना, अकादमियों एवं ओलंपिक विजन में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप, खेलो इंडिया मिशन : एक खेल राष्ट्र का निर्माण तथा छत्तीसगढ़ की पदक रणनीति एवं राज्य खेल नीति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।

आयोजकों के अनुसार, इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य राज्य में खेलों के लिए दीर्घकालिक रोडमैप तैयार करना, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान एवं उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ खेल विज्ञान और आधुनिक प्रशिक्षण तकनीकों को बढ़ावा देना है। साथ ही, राज्य सरकार की नई खेल नीति और भविष्य की पदक रणनीति को भी इस मंच पर व्यापक चर्चा के माध्यम से अंतिम रूप देने की दिशा में विचार-विमर्श किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का पहला स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़ में खेल संस्कृति को नई दिशा देगा और राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Related Articles

Back to top button