छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में बासमती धान मिशन की तैयारी, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग को देखते हुए पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने पर सहमति

रायपुर: किसानों की आय बढ़ाने और कृषि में फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में बासमती धान की खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में पहल तेज कर दी है। कृषि विकास मंत्री राम विचार नेताम की अध्यक्षता में गुरुवार को अटल नगर, नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में बासमती धान मिशन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, कृषि संचालक राहुल देव, अनुसंधान संचालक डॉ. संजय त्रिपाठी, बीज निगम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों तथा Indian Rice Exporters Federation के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बासमती धान की खेती को प्राथमिकता देगी। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में गंभीरता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में सामान्य धान की खेती के साथ फसल विविधिकरण तथा बासमती उत्पादन के विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने बताया कि राज्य में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बासमती धान की खेती शुरू करने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय और यूरोपीय बाजारों में बासमती एवं अन्य सुगंधित चावलों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना है। इसके लिए प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां की जलवायु और तापमान बासमती उत्पादन के लिए उपयुक्त हैं।

बैठक में Indian Rice Exporters Federation ने राज्य में बासमती उत्पादन बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। फेडरेशन ने किसानों के लिए बायबैक व्यवस्था, विपणन सहयोग और सुगंधित चावल के निर्यात को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई।

बैठक में उत्पादन से लेकर विपणन और निर्यात तक समन्वित व्यवस्था विकसित करने पर भी सहमति बनी, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और छत्तीसगढ़ सुगंधित चावल उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर सके।

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