मेटा की नौकरी छोड़ नूडल्स स्टॉल चला रहा सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सोशल मीडिया पर वायरल हुई कहानी

नई दिल्ली: दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी करना आज भी लाखों युवाओं का सपना माना जाता है, लेकिन बदलती कॉर्पोरेट संस्कृति, बढ़ते कार्य दबाव और निजी संतुलन की तलाश अब कई पेशेवरों को अलग राह चुनने के लिए प्रेरित कर रही है। ऐसा ही एक मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां मेटा में कार्यरत एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने नौकरी छोड़कर नूडल्स स्टॉल शुरू कर दिया।
सिंगापुर में रहने वाले इंजीनियर एल्विन टैन की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल वीडियो में वह अपनी महिला मित्र के साथ फूड स्टॉल पर ग्राहकों को नूडल्स परोसते नजर आ रहे हैं। एल्विन का कहना है कि कॉर्पोरेट नौकरी में लगातार मीटिंग्स, प्रोजेक्ट प्रेशर और अस्थिर कार्य वातावरण के कारण मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा था। उन्होंने बताया कि बड़ी कंपनियों में काम करने के दौरान अपेक्षाएं लगातार बढ़ती जाती हैं, जबकि संतुष्टि और मानसिक शांति पीछे छूट जाती है।
एल्विन के मुताबिक, फूड बिजनेस शुरू करने के बाद उनकी आय पहले की तुलना में कम जरूर हुई है, लेकिन उन्हें अब अधिक संतोष और सुकून मिल रहा है। उन्होंने कहा कि काम वही बेहतर होता है, जिसमें व्यक्ति खुद को मानसिक रूप से सहज महसूस करे। उनका मानना है कि जीवन में केवल ऊंचे वेतन से अधिक जरूरी मानसिक संतुलन और खुशी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह कहानी युवाओं के बीच तेजी से चर्चा में है। कई लोगों ने इसे कॉर्पोरेट जीवन की वास्तविकता से जोड़ते हुए प्रेरणादायक फैसला बताया है, जबकि कुछ लोगों ने इसे जोखिम भरा लेकिन साहसिक कदम कहा है। यूजर्स का कहना है कि नई पीढ़ी अब केवल उच्च वेतन नहीं, बल्कि बेहतर जीवनशैली और मानसिक शांति को भी प्राथमिकता देने लगी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि महामारी के बाद कार्य संस्कृति में आए बदलावों ने युवाओं की सोच को प्रभावित किया है। अब अधिक लोग पारंपरिक नौकरी के बजाय छोटे व्यवसाय, फ्रीलांसिंग और स्वतंत्र कार्य विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। एल्विन टैन की कहानी इसी बदलती सोच और करियर प्राथमिकताओं का नया उदाहरण मानी जा रही है।


