छत्तीसगढ़

गौ संरक्षण को जनभागीदारी से मिलेगा जनआंदोलन का स्वरूप : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गौ संरक्षण केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले सकेगा। उन्होंने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ करते हुए गौ विज्ञान परीक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के स्कूलों और महाविद्यालयों के 1.64 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने गौ विज्ञान परीक्षा में भाग लिया। इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की सहभागिता भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और प्रकृति संरक्षण के प्रति नई पीढ़ी की बढ़ती जागरूकता का प्रमाण है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिवार और समाज में गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। पंजीकृत गौशालाओं में प्रति गाय चारे के लिए मिलने वाली सहायता राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। साथ ही सुरभि गौधाम योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से युक्त गौधाम विकसित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोबर और गोमूत्र आधारित उत्पाद ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। सरकार ऐसे उत्पादों के निर्माण और प्रशिक्षण की व्यवस्था भी करेगी, जिससे गौपालन आय का प्रभावी माध्यम बन सके।

उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद में कमी आने के बाद विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से देसी गाय उपलब्ध कराने की योजना से दूध उत्पादन बढ़ा है और भविष्य में इसका विस्तार अन्य पशुपालकों तक करने पर भी विचार किया जा रहा है।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि गौ विज्ञान परीक्षा विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और गौ संरक्षण के वैज्ञानिक महत्व से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार गौ अभ्यारण्य विकसित करने और देसी नस्ल की गायों के संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है।

गौ सेवा गतिविधि के अखिल भारतीय संयोजक अजीत महापात्र ने कहा कि गौ विज्ञान परीक्षा विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण दोनों को विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा के तीनों वर्गों के विजेताओं को सम्मानित किया। प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को 51 हजार रुपये, द्वितीय स्थान पर 31 हजार रुपये और तृतीय स्थान पर 11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। समारोह में गौ संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, प्रतिभागी विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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