
रायपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट कर लौटे छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन की अपनी यादगार यात्रा और राष्ट्रपति के साथ हुए आत्मीय संवाद के अनुभव मुख्यमंत्री के साथ साझा किए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी यात्रा और राष्ट्रपति से हुई बातचीत के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि राष्ट्रपति से मिलना उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रहा। राष्ट्रपति ने सहजता और आत्मीयता के साथ उनसे बातचीत करते हुए उनकी शिक्षा, रुचियों और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जाना। विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन के भ्रमण के दौरान मिले अनुभव भी मुख्यमंत्री के साथ साझा किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बच्चों में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। उन्हें उचित अवसर, प्रोत्साहन और मंच मिले तो वे हर क्षेत्र में प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी लगन और मेहनत के साथ शिक्षा जारी रखने तथा जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

रक्षाबंधन के अवसर पर छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों और शिक्षकों को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से भेंट एवं संवाद का विशेष अवसर मिला था। इस दौरान राष्ट्रपति ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस मुलाकात का भावुक क्षण उस समय आया जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (Children with Special Needs) की श्रेणी के विद्यार्थी नुकेश कुमार वर्मा को स्वयं राखी बांधी। राष्ट्रपति का यह स्नेह नुकेश सहित वहां मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए यादगार अनुभव बन गया।
राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति की भी झलक देखने को मिली। छात्राओं ने पारंपरिक सुवा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसकी राष्ट्रपति ने सराहना की। प्रस्तुति के माध्यम से प्रदेश की लोक परंपरा, गीत-संगीत और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन जैसे प्रतिष्ठित मंच पर अपनी प्रतिभा के साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी परिचय कराया। उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति प्रदेश की पहचान और अमूल्य धरोहर है। नई पीढ़ी जब इसे आत्मसात कर देश के प्रतिष्ठित मंचों पर प्रस्तुत करती है, तो परंपराओं को नई ऊर्जा और व्यापक पहचान मिलती है।
राष्ट्रपति से भेंट करने वाले विद्यार्थियों में नारायणपुर जिले की राजवती पोयाम, सुकमा जिले के हिमांशु ठाकुर, दुर्ग जिले की पायल राजानी, महासमुंद जिले की रागनी साहू, रायपुर जिले के नुकेश कुमार वर्मा तथा महासमुंद जिले के दुर्गेश साहू और डिगेश सेन शामिल थे। इस अवसर पर समग्र शिक्षा की राज्य नोडल अधिकारी डॉ. मुक्ति बैस तथा शासकीय आशी बाई गोलछा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद के व्याख्याता (भौतिकी) चंद्रशेखर मिथलेश भी उपस्थित रहे।
