देश के पांच राज्यों में फैला स्वाइन फ्लू, छत्तीसगढ़ में भी बढ़ी चिंता, दुर्ग में करीब तीन साल की बच्ची में एच1एन1 की पुष्टि
दिल्ली में 1,777, उत्तर प्रदेश में 337 मामले

रायपुर: देश में मौसमी स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में मामले मिलने के बीच अब छत्तीसगढ़ में भी संक्रमण ने दस्तक दी है। दिल्ली में इस वर्ष अब तक 1,777 एच1एन1 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में 337, हरियाणा में 177, पंजाब में 93 और महाराष्ट्र में 309 मामलों की पुष्टि हुई है। इन पांच राज्यों में कुल 2,693 मामले सामने आए हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संक्रमण की रफ्तार विशेष रूप से तेज बताई जा रही है। 20 अगस्त को एक ही दिन में 100 नए मामले सामने आए। इस वर्ष दिल्ली में इन्फ्लुएंजा-ए के कुल 2,392 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें 1,777 मामले एच1एन1 के हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि में दिल्ली में एच1एन1 के 229 मामले सामने आए थे।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने एच1एन1 के बढ़ते मामलों के बीच स्थिति की समीक्षा की है। राज्यों को बीमारी की निगरानी बढ़ाने, अस्पतालों में आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने और गंभीर मरीजों की समय पर पहचान एवं उपचार के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र की निगरानी व्यवस्था में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम की मौसमी इन्फ्लुएंजा निगरानी व्यवस्था शामिल है।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा संक्रमण को किसी नए वायरस या नए वैरिएंट के रूप में नहीं देखा जा रहा है। विशेषज्ञों ने लोगों से घबराने के बजाय भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने तथा सर्दी-जुकाम और बुखार जैसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
छत्तीसगढ़ में भी पहुंचा एच1एन1 संक्रमण
छत्तीसगढ़ में दुर्ग जिले में एच1एन1 का पहला पुष्ट मामला सामने आया है। निजी अस्पताल में भर्ती 2 साल 11 महीने की बच्ची की आरटी-पीसीआर जांच में एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई। बच्ची को सर्दी और तेज बुखार के बाद अस्पताल लाया गया था। फिलहाल वह आइसोलेशन वार्ड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार करा रही है और उसकी स्थिति स्थिर बताई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्ची के परिजनों की निगरानी शुरू कर दी है।
उपलब्ध स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार छत्तीसगढ़ में अब तक एच1एन1 के 38 मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें 25 मामले रायपुर जिले से बताए गए हैं। हालांकि रायपुर में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, इसलिए जिला-वार आंकड़ों को स्थानीय संक्रमण और बाहर से उपचार के लिए आए मरीजों के संदर्भ में देखा जाना जरूरी है।
दुर्ग में नए मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। बच्ची के संपर्क में आए लोगों के नमूने लिए जा रहे हैं और आसपास के क्षेत्र में स्वास्थ्य टीमों द्वारा सर्वे किया जा रहा है। विभाग ने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखने तथा फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी है।
बारिश और बदलते मौसम में बढ़ सकती है सावधानी की जरूरत
विशेषज्ञों के अनुसार मौसमी इन्फ्लुएंजा के प्रसार के दौरान बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द और शरीर में दर्द जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। अधिकांश मरीज उचित उपचार और आराम से स्वस्थ हो जाते हैं, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों तथा पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की मौसमी इन्फ्लुएंजा व्यवस्था में एच1एन1 के लिए जांच, मरीजों के वर्गीकरण, उपचार और घरेलू देखभाल से संबंधित दिशानिर्देश उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य विभागों की ओर से लोगों को सलाह दी गई है कि फ्लू जैसे लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें, भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक जाने से बचें और संक्रमण की आशंका होने पर अन्य लोगों से दूरी बनाए रखें। छत्तीसगढ़ में दुर्ग में पहला पुष्ट मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
