‘मेरा भारत-नशामुक्त भारत’ अभियान का विस्तार, 36 स्कूलों में जगी नई चेतना
हजारों विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त जीवन का संकल्प, अभियान एक सप्ताह के लिए बढ़ाया गया

आरंग (लखौली)। नशामुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से आरंग क्षेत्र के विद्यालयों में चलाए जा रहे ‘मेरा भारत-नशामुक्त भारत’ अभियान को मिली व्यापक जनभागीदारी और सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए इसकी अवधि एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी गई है। 6 से 20 अगस्त के बीच अभियान के तहत आरंग विकासखंड के 36 शासकीय एवं निजी विद्यालयों में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें हजारों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
अभियान के तहत 20 अगस्त को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोंइदा, मोखला और छटेरा में विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में करीब 1,100 विद्यार्थियों ने एक साथ नशामुक्त जीवन जीने का सामूहिक संकल्प लिया। ब्रह्माकुमारीज आरंग की संचालिका बीके लता बहन एवं बीके पिंकी बहन के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्परिणामों की जानकारी दी गई।

वक्ताओं ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा देश की सबसे बड़ी शक्ति है। इसे नशे जैसी बुरी आदतों में नष्ट करने के बजाय शिक्षा, खेल, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों में लगाया जाना चाहिए। विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों में नशामुक्ति को लेकर दिखाई दी जिज्ञासा और सकारात्मक सोच को देखते हुए ब्रह्माकुमारीज मेडिकल विंग ने जागरूकता अभियान को एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। विस्तारित अभियान का उद्देश्य उन क्षेत्रों और लोगों तक पहुंचना है, जो अब तक नशामुक्ति के इस जनजागरण से नहीं जुड़ पाए हैं।
विद्यार्थियों द्वारा लिए गए संकल्प से ‘नशे को ना, स्वस्थ जीवन को हां’ का संदेश अब विद्यालयों से निकलकर परिवारों और समाज तक पहुंच रहा है। आयोजकों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल नशे से दूर रहने की शपथ दिलाना नहीं, बल्कि युवाओं में स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन के प्रति स्थायी चेतना विकसित करना है।
