ऑनलाइन उपस्थिति पर सख्ती, शिक्षकों को जितने दिन VSK ऐप में अटेंडेंस उतने दिन का मिलेगा वेतन

रायपुर: छत्तीसगढ़ में शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। वेतन भुगतान की प्रक्रिया के बीच लोक शिक्षण संचालक ने प्रदेश के सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिया है कि शिक्षकों एवं कर्मचारियों को केवल उन्हीं दिनों का वेतन आहरित किया जाए, जितने दिनों की ऑनलाइन उपस्थिति VSK (विद्या समीक्षा केंद्र) ऐप पर दर्ज है।
जारी निर्देशों में कहा गया है कि सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का VSK ऐप पर पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) अनिवार्य है और वेतन भुगतान ऑनलाइन दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही किया जाएगा। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
तकनीकी दिक्कतों से बढ़ी शिक्षकों की चिंता
लोक शिक्षण संचालक के इस आदेश के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों में नाराजगी देखी जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि राज्य के कई दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या तथा VSK ऐप में तकनीकी खामियों के कारण नियमित रूप से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती।
शिक्षकों के अनुसार कई बार वे समय पर विद्यालय पहुंच जाते हैं, लेकिन इंटरनेट कनेक्टिविटी या ऐप में तकनीकी त्रुटि के चलते उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती। ऐसे में स्कूल में उपस्थित रहने के बावजूद वेतन कटने की आशंका बनी हुई है।
शिक्षक संगठनों ने जताया विरोध
लोक शिक्षण संचालनालय के इस आदेश का शिक्षक संगठनों ने विरोध किया है। संगठनों का कहना है कि तकनीकी समस्याओं का समाधान किए बिना केवल ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन भुगतान करना उचित नहीं है। उनका तर्क है कि पहले VSK ऐप की तकनीकी खामियों और नेटवर्क संबंधी समस्याओं को दूर किया जाए, उसके बाद ही इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू किया जाए।
शिक्षक संगठनों ने यह भी मांग की है कि जिन क्षेत्रों में इंटरनेट की समस्या है, वहां बायोमेट्रिक अथवा अन्य वैकल्पिक उपस्थिति व्यवस्था लागू की जाए, ताकि तकनीकी कारणों से किसी शिक्षक का वेतन प्रभावित न हो।
विभाग का उद्देश्य
शिक्षा विभाग का कहना है कि ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू करने का उद्देश्य विद्यालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना, पारदर्शिता बढ़ाना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। हालांकि, नए आदेश के बाद तकनीकी समस्याओं और वेतन कटौती को लेकर शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है, जिससे आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विभाग और शिक्षक संगठनों के बीच चर्चा तेज होने की संभावना है।



