भिलाई – खुर्सीपार में पिकअप के गुप्त चेंबर से 4 करोड़ रुपये बरामद, दो लोग हिरासत में

- रायपुर के भनपुरी स्थित जीडी ट्रांसपोर्ट से लोड हुई थी नकदी, नागपुर ले जा रहे थे आरोपी
- आयकर विभाग को दी गई सूचना, रकम के स्रोत और परिवहन के उद्देश्य की जांच में जुटी पुलिस
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खुर्सीपार थाना क्षेत्र में एक पिकअप वाहन के गुप्त चेंबर से करीब 4 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। रविवार रात की गई तलाशी के दौरान मिली इस रकम के मामले में वाहन में सवार दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नकदी रायपुर के भनपुरी स्थित जीडी ट्रांसपोर्ट से लोड की गई थी और इसे नागपुर ले जाया जा रहा था।
पुलिस को संदिग्ध पिकअप वाहन की तलाशी के दौरान उसके विशेष रूप से बनाए गए चेंबर में नकदी छिपाकर रखे जाने का पता चला। इसके बाद रकम बरामद कर मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस ने नकदी के संबंध में आयकर विभाग को भी सूचना दी है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी रकम कहां से लाई गई थी, इसका वास्तविक मालिक कौन है और इसे नागपुर ले जाने का उद्देश्य क्या था।
ट्रांसपोर्ट से नागपुर तक रकम पहुंचाने की जांच
मामले में रायपुर के भनपुरी स्थित जीडी ट्रांसपोर्ट की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही, रकम से संबंधित दस्तावेजों, परिवहन के कारणों और संभावित वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही नकदी के स्रोत और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पहले भी बरामद हो चुकी है करोड़ों की नकदी
छत्तीसगढ़ में इससे पहले भी वाहनों से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने के मामले सामने आए हैं। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, 20 सितंबर 2025 को दुर्ग पुलिस ने दो स्कॉर्पियो वाहनों से करीब 6.60 करोड़ रुपये बरामद किए थे। उस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया गया था।
इसी तरह, 12 नवंबर 2025 को बालोद जिले में महाराष्ट्र पुलिस ने एक संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली थी। कार में रखे बैग और बक्सों से करीब 3 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे। उस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया था।
खुर्सीपार में हुई ताजा कार्रवाई के बाद अब पुलिस और आयकर विभाग की जांच पर नजर है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि बरामद रकम किसकी है और इसके परिवहन के पीछे क्या वजह थी।

